सचिन पायलट ने पीएम मोदी से की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की वकालत

Jaipur News । राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की वकालत की है। पायलट ने पत्र में लिखा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना एक तरह से पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों …

सचिन पायलट ने पीएम मोदी से की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की वकालत Read More »

October 3, 2020 5:33 pm

Jaipur News । राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की वकालत की है।


पायलट ने पत्र में लिखा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना एक तरह से पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की जीवन रेखा है। इन 13 जिलों में कृषि और पशुपालन प्रमुख व्यवसाय है, जबकि भू-जल की उपलब्धता में लगातार कमी होने के कारण कृषि क्षेत्र पर विपरीत असर पडऩे लगा है। इसके अलावा डांग क्षेत्र होने के कारण अनेक ब्लॉक विकसित नहीं है। नीति आयोग ने भी करौली और धौलपुर जैसे जिलों को वरीयता प्राप्त जिलों की सूची में शामिल किया है, क्योंकि ये अद्र्ध विकसित है। 
उन्होंने लिखा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में जल की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है और इसलिए पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना की अवधारणा तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष रखी है और आपकी ओर से इस पर विचार करने का आश्वासन भी साल 2018 में जयपुर में आयोजित सभा में दिया गया था।


पायलट ने लिखा कि राजस्थान का क्षेत्रफल भारत के क्षेत्रफल का 10 प्रतिशत है और यहां की आबादी देश की आबादी की 5.5 प्रतिशत है। इसके बावजूद यहां सतही जल पूरे देश का मात्र 1.16 प्रतिशत और भूजल 1.72 प्रतिशत है, क्योंकि राजस्थान के 295 ब्लॉक में से 245 ब्लॉक डार्क अथवा क्रिटिकल घोषित हो चुके हैं। इसलिए राजस्थान सरकार ने पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर और धौलपुर की पेयजल समस्या के स्थाई समाधान और लगभग तीन लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना केंद्र सरकार को तकनीकी स्वीकृति और वित्तीय पोषण के लिए प्रस्तुत की है।

उन्होंने लिखा कि 37 हजार 247 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के क्रियान्वयन से ना केवल पूर्वी राजस्थान, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी और कृषि, उद्योग तथा पशुपालन सेक्टर में प्रगति से करोड़ों लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा। पायलट ने इस पत्र के माध्यम से इस परियोजना को तकनीकी स्वीकृति देने और इसके वित्तीय पोषण के लिए केंद्र सरकार को सहायता देने के लिए शीघ्र कार्रवाई करने को लिखा है।

Prev Post

पाली कांग्रेस की गुटबाजी से मेरा कोई लेना-देना नहीं - सालेह मोहम्मद

Next Post

17 करोड़ के सोने के बिस्कुट के साथ चार गिरफ्तार

Related Post

Latest News

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे या सिंह,तस्वीर 8 को होगी साफ,G-23 नेता मिले गहलोत से, रौचक होगा चुनाव 
राजस्थान में आलाकमान की धमकी बेअसर, गहलोत गुट के नेता ने फिर..
गहलोत को CM हटाते ही राजस्थान में कांग्रेस खंड-खंड बिखर ...

Trending News

राजस्थान के मंत्रियो व कांग्रेस विधायको को चेतावनी
NPS कार्मिक 01 अप्रैल 2022 के पश्चात NPS आहरण की राशि को पुनः 31 दिसंबर 2022 तक एकमुश्त अथवा अधिकतम 4 किस्तों में जमा करानी होगी
चिरंजीवी योजना में सहायता के लिए फोन 01482-232643 पर करे घंटी 2 घंटे में समाधान
प्रिंसिपल डाॅ. खटीक पुनः बने जिलाध्यक्ष 

Top News

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे या सिंह,तस्वीर 8 को होगी साफ,G-23 नेता मिले गहलोत से, रौचक होगा चुनाव 
राजस्थान में आलाकमान की धमकी बेअसर, गहलोत गुट के नेता ने फिर..
गहलोत को CM हटाते ही राजस्थान में कांग्रेस खंड-खंड बिखर ...
राजस्थान के मंत्रियो व कांग्रेस विधायको को चेतावनी
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, परिवादी को ही कर रही है परेशान 
NPS कार्मिक 01 अप्रैल 2022 के पश्चात NPS आहरण की राशि को पुनः 31 दिसंबर 2022 तक एकमुश्त अथवा अधिकतम 4 किस्तों में जमा करानी होगी
चिरंजीवी योजना में सहायता के लिए फोन 01482-232643 पर करे घंटी 2 घंटे में समाधान
टोंक के बनेठा थाने का एसआई 10 हज़ार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, एक प्रकरण में कार्रवाई नही करने की एवज में मांग रहा था घूस
REET - 2022 का परीक्षा परिणाम घोषित 
राजस्थान में रहेगा गहलोत का ही राज, सचिन..