रिश्वत में अस्मत मांगने वाले RPS कैलाश बोहरा निलम्बित

जयपुर । रिश्वत में अस्मत मांगने वाले आरपीएस कैलाश बोहरा को गृह विभाग ने निलम्बित कर दिया है। महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात आरपीएल बोहरा को एसीबी ने शनिवार को उनके कार्यालय में ट्रेप कर गिरफ्तार किया था।

राजधानी जयपुर के ईस्ट में आरपीएस अधिकारी कैलाश बोहरा को महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों का निस्तारण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिन्होंने एक महिला से रिश्वत के रूप में अस्मत की मांग कर डाली। इसके बाद पीडि़त महिला ने एसीबी मुख्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने ट्रैप का आयोजन किया। एसीबी डीजी बीएल सोनी ने पूरे मामले की मॉनिटरिंग करते हुए रविवार को अवकाश के दिन वुमन क्राइम सेल के एसीपी कैलाश चंद बोहरा को ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया।

पीडि़त महिला ने जवाहर नगर थाने में एक युवक के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज करवाया था। इसके साथ ही अन्य मामले भी दर्ज करवाए थे। इन तीन मामलों में जांच एसीपी कैलाश चंद बोहरा कर रहे थे। पिछले दिनों जब पीडि़त महिला ने एसीपी से मुलाकात कर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई तो आरोपी को गिरफ्तार करने की एवज में तत्कालीन एसीपी कैलाश चंद बोहरा ने पीडि़त महिला से अस्मत मांग ली। इसके बाद महिला ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत का सत्यापन करने के बाद रविवार को एसीबी की टीम ने ट्रैप का आयोजन किया। रिश्वत के रूप में अस्मत मांग करने वाले एसीपी कैलाश ने अवकाश वाले दिन रविवार को महिला को मिलने के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। इसी दौरान एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए एसीपी कैलाश चंद को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव रामनिवास मेहता ने उनके निलम्बन के आदेश जारी किए।