राजस्थान के राजनीतिक घटनाटक्रम के लिये अगला सप्ताह महत्वपूर्ण होगा

Jaipur news / अशफाक कायमखानी। पिछले दस दिन से राजस्थान की राजनीति मे अचानक आये भूचाल के कुछ हदतक निर्णायक मोड़ पर पहुंचने के लिये अगला सप्ताह काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बीटीपी के दो विधायको व एक माकपा से निलम्बित विधायक के साथ आने के अलावा दस निर्दलीय विधायकों का स्पोर्ट पुख्ता होने …

राजस्थान के राजनीतिक घटनाटक्रम के लिये अगला सप्ताह महत्वपूर्ण होगा Read More »

July 19, 2020 11:27 pm

Jaipur news / अशफाक कायमखानी। पिछले दस दिन से राजस्थान की राजनीति मे अचानक आये भूचाल के कुछ हदतक निर्णायक मोड़ पर पहुंचने के लिये अगला सप्ताह काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बीटीपी के दो विधायको व एक माकपा से निलम्बित विधायक के साथ आने के अलावा दस निर्दलीय विधायकों का स्पोर्ट पुख्ता होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब सदन मे बहुमत सिद्ध करने के साथ बगावत कर चुके विधायकों के सामने दुविधा की स्थिति खड़ी करना चाहते है ताकि उनके प्रस्ताव के समर्थन मे पायलट समर्थक विधायक मतदान करके सदस्यता बचाये या फिर खिलाफ मतदान करने पर सदस्यता खत्म करवाये।

हालांकि राजनीतिक पण्डित मुख्यमंत्री गहलोत के पास 102 विधायको का समर्थन मानकर चल रहे। जिनमे अस्पताल मे गम्भीर रुप से बीमार भर्ती मंत्री भंवरलाल मेघवाल व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जौशी को भी गिनती मे शामिल करके चल रहे है।

इसके अलावा दुसरी तरफ भाजपा व रालोपा के 75, कांग्रेस के बागी 19 व 3 निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कुल 97-विधायक की गिनती बैठती है। माकपा का दूसरा विधायक गिरधारी महिया तटस्थ रह सकता है। पर वो गहलोत खेमे के साथ अभी तक जाता नजर नही आ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष भी तभी मतदान कर पायेगा जब दोनो तरफ बराबर बराबर वोट आये।

इसी तरह गहलोत खेमे के पक्ष मे विधानसभा अध्यक्ष व मंत्री भंवर लाल मेघवाल का मत पड़ना मुश्किल होगा। इन दो मतो को हटा देते है तो गहलोत के पास सो मत की तादाद बचती है। दुसरी तरफ 97 विधायक बचते है। यानि फर्क केवल तीन मत का रहेगा।

अगर दो मत गहलोत खेमे से अलग ह़ो कर पायलट खेमे की तरफ आते ही सरकार गिर सकती है। तब गिरधारी महिया तटस्थ रहे।

जयपुर की होटल मे बैठे मुख्यमंत्री गहलोत खेमे के विधायको मे एक दर्जन के करीब विधायक ऐसे है जो एक दम चुपचाप बैठकर सबकुछ देख रहे है। कुछ विधायक तो ऐसे भी है जो अपने पिताओ की राजनीतिक हत्या का आरोपी अशोक गहलोत को मानते रहे है।

उन विधायकों के पिता विधानसभा से बाहर रहकर बदलते सभी हालात पर नजर लगाये हुये है। जो अंतिम समय पर फैसला लेकर अपने पूत्र-पूत्री विधायको को खास हिदायत दे सकते है। इसके विपरीत माकपा के दोनो विधायक का एक तरफ मतदान होना कतई नही होगा। हो सकता है कि माकपा को दोनो मत एक दूसरे मत का प्रभाव बराबर कर दे।

गहलोत-पायलट के मध्य चल रहे राजनीतिक घटनाटक्रम मे किसी ना किसी रुप मे भाजपा भी शामिल होती नजर आ रही है। SOG व ACB अपने यहां दर्ज शिकायतो के बाद जानच करने के रुप मे शामिल है। वही चिहे पर्दे के पिछे से सही आयकर विभाग ने भी गहलोत समर्थकों के यहां रेड डाल चुका है।

वही टेलीफोन टेपिंग मामले को लेकर CBI के भी आने की सम्भावन नजर आने लगी है। कांग्रेस ने SOG व ACB विभिन्न रपट दर्ज करवाई है। दुसरी तरफ भाजपा ने भी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस मे शिकायत दर्ज करवाई है। वही बसपा अध्यक्ष ने घटे राजनीतिक घटनाटक्रम पर बोलते हुये राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उक्त सब घटनाटक्रम से लगता है कि राष्ट्रपति शासन की सिफारिश होने के लिये भूमिका तैयार की जा रही बताते है।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा महेश जौशी की शिकायत पर जिन 19 कांग्रेस विधायकों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। उसके खिलाफ उन विधायकों के कोर्ट चले जाने पर उनकी 20-जुलाई (सोमवार) को सुनवाई होनी है। सुनवाई मुकम्मल होकर कल जजमेंट आता है या फिर आगे डेट मिलती है। यह सबकुछ कल ही पता चल पायेगा। सुनवाई के दो-तीन दिन बाद मुख्यमंत्री सदन का सत्र बुलाकर बहुमत सिद्ध करने की कोशिश कर सकते है। लेकिन बहुत सिद्ध होना जीतना आसान मानकर चल रहे है।

उतना आसान कतई नही है। कुछ विधायकों के सीने मे उस बात की आग सुलग रही है जिनके पिताओ की राजनीतिक हत्या अशोक गहलोत के हाथो हुई बताते है।
कुल मिलाकर यह है कि गहलोत खेमे के होटल मे ठहरे अधिकांश विधायक गाने गाकर, खेल खेलकर, फिल्में देखकर व इटालियन खाना बनाने की विधि सीखकर कोराना काल मे भी जीवन का आनंद ले रहे है।

वही कुछ विधायक फोटो व वीडियो से दूर मनोरंजन करने से पुरी तरह दूर रहते हुये होटल मे ठहरे हुये है। जो आखिर समय पर अपने मत का उपयोग मिले आदेश अनुसार कर सकते है जिस मत से निकले परिणाम को सालो साल याद किया जाये। इसके विपरीत सचिन पायलट खेमा बीना किसी नुकसान होने की परवाह किये हर हाल मे गहलोत सरकार गिराना चाहेगे।

फिर सरकार गिरने के बाद नये विकल्प पर विचार कर सकते है। मत विभाजन की स्थिति मे पायलट के साथ भाजपा खडी मिलने की पक्की सम्भावना जताई जा रही है। विधायक खरीद फरोख्त कोशिश करने के तीन आरोपी विधायक अगर गहलोत के पक्ष मे मतदान करे तब ही सरकार बच सकती है।वरना सदन मे मत विभाजन अगर होता है तो परिणाम कुछ भी आ सकता है।

Prev Post

जहाजपुर:खनन माफियाओं ने तहसीलदार व पटवारियों से मारपीट, महिलाओं ने भी लगाया मारपीट का आरोप

Next Post

जहाजपुर:बजरी से भरा ट्रेलर पलटा,माइनिंग चौकी पर नहीं एंट्री

Related Post

Latest News

माफी तो मांगी,लेकिन वायरल पन्ना बता रहा है कि सचिन पायलट और प्रभारी अजय माकन निशाने पर थे
PFI का सपोर्ट करने पर पाक सरकार का ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध
कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के बाद अब सलमान खान के डुप्लीकेट संजय की जिम में एक्सरसाइज के दौरान मौत

Trending News

कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे खड़गे,8 अक्टूबर को हो सकती घोषणा
राजस्थान के मंत्रियो व कांग्रेस विधायको को चेतावनी
NPS कार्मिक 01 अप्रैल 2022 के पश्चात NPS आहरण की राशि को पुनः 31 दिसंबर 2022 तक एकमुश्त अथवा अधिकतम 4 किस्तों में जमा करानी होगी
चिरंजीवी योजना में सहायता के लिए फोन 01482-232643 पर करे घंटी 2 घंटे में समाधान

Top News

नामदेव छीपा समाज के त्रिदिवसीय गरबा महोत्सव झंकार का समापन, महिला मण्डल की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण
माफी तो मांगी,लेकिन वायरल पन्ना बता रहा है कि सचिन पायलट और प्रभारी अजय माकन निशाने पर थे
PFI का सपोर्ट करने पर पाक सरकार का ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध
कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के बाद अब सलमान खान के डुप्लीकेट संजय की जिम में एक्सरसाइज के दौरान मौत
कोतवाली पुलिस कहिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बता दिया जाएगा, बुजुर्ग महिला से लूट का प्रयास विफल ,लोगों ने युवक को पकड़ा ,VIDEO
कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे खड़गे,8 अक्टूबर को हो सकती घोषणा
भीलवाड़ा शहर में 2 साल बाद 5 अक्टूबर को निकलेगा विशाल पथ संचलन
राजस्थान शिक्षा विभाग- राजस्थान में सरकारी स्कूलों का समय परिवर्तन 15 से बदलेगा
सफाई कर्मचारी भर्ती मामला - अलवर नगर परिषद व सरकार को हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर नोटिस
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे या सिंह,तस्वीर 8 को होगी साफ,G-23 नेता मिले गहलोत से, रौचक होगा चुनाव