राजस्थान में 3 विस उपचुनाव , कहां कितने मतदाता और चुनाव कार्यक्रम पढ़े

Today is the last day of nomination for Panchayat by-election, voting will be held on May 8

जयपुर। चुनाव आयोग ने राजस्थान की चार में से तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कार्यक्रम की मंगलवार शाम घोषणा कर दी है। आयोग ने सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद सीट पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की है। जबकि, उदयपुर जिले की वल्लभनगर सीट पर अभी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है।आयोग के अनुसार इन तीनों सीटों पर 17 अप्रैल को वोटिंग होगी। तीनों सीटों पर 23 मार्च से अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन शुरू होंगे। 30 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख होगी। 31 मार्च को नामांकन की जांच होगी और 3 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 17 अप्रैल को वोटिंग होगी और 2 मई को नतीजे आएंगे। उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही तीनों क्षेत्रों में आचार संहिता लग गई है।

सहाड़ा सीट कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी, सुजानगढ़ सीट मास्टर भंवरलाल के निधन की वजह से खाली हुई है। भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी के निधन की वजह से राजसमंद सीट खाली हुई है। इस तरह 3 विधानसभा सीटों में से दो पर कांग्रेस और एक पर भाजपा विधायक थे। इन उपचुनावों में कांग्रेस-भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। कांग्रेस और भाजपा में अब उम्मीदवार चयन करने की कवायद शुरू हो गई है। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7 लाख 43 हजार 802 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 3 लाख 80 हजार 192 पुरुष व 3 लाख 63 हजार 610 महिला मतदाता हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल में प्रदेश में पहली बार विधानसभा के उप चुनाव हो रहे हैं। भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा में कुल 2 लाख 47 हजार 400 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1 लाख 24 हजार 100 पुरुष और 1 लाख 23 हजार 300 महिलाएं हैं। चुरू जिले की सुजानगढ़ में 2 लाख 74 हजार 792 मतदाताओं में से 1 लाख 43 हजार 374 पुरुष व 1 लाख 31 हजार 418 महिला मतदाता हैं। इसी तरह राजसमंद विधानसभा में 2 लाख 21 हजार 610 मतदाताओं में से 1 लाख 12 हजार 718 पुरुष और 1 लाख 8 हजार 892 महिला मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगी।

उन्होंने बताया कि तीनों जिलों के लिए अधिसूचना 23 मार्च को जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। 30 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 31 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच व संवीक्षा होगी तथा 3 अप्रेल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 17 अप्रेल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 2 मई को करवाई जाएगी। तीनों विधानसभाओं में 1145 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें सहाड़ा में 387, सुजानगढ़ में 418 और राजसमंद में 340 मतदान केंद्र बनाए हैं। उन्होंने बताया कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत फोटो पहचान पत्र का वितरण किया जा चुका है।

गुप्ता ने बताया कि कोरोना के चलते इस बार आयोग द्वारा ऑनलाइन नामांकन की भी वैकल्पिक व्यवस्था दी है। साथ ही चुनावी सभा करने, वाहनों की अनुमति लेने जैसे कई कार्य आनलाइन संपादित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें मय फोटो, वीडियो आदि निर्वाचन आयोग के सी-विजिल-एप में की जा सकती है, जिससे इन पर 100 मिनट की अवधि में कार्यवाही की जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सरकारी वाहनों, हेलीकॉप्टर एवं विमान अनुमति के बाद ही उपयोग में लिए जा सकेंगे। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकाशन सामग्री यथा पोस्टर, पंफलेट आदि पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम आवश्यक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले प्रिंटिंग प्रेस स्वामियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत कार्यवाही की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उपचुनाव में 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता, क्वारेंटाइन और 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान कराया जाएगा। मतदान के दौरान ध्यान रखा जाए कि केंद्र, राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइड लाइंस का उल्लघंन ना हो। विधानसभा उप चुनाव-2021 में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे। मतदान के लिए मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा। इपिक कार्ड नहीं होने की स्थिति में 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाने पर ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि विधानसभा उप चुनाव के लिए उम्मीदवार द्वारा चुनाव व्यय की सीमा को 28 लाख से बढ़ाकर 30.80 लाख रुपए कर दिया है। उन्होंने बताया कि चुनाव व्यय के मॉनिटरिंग के लिए आयोग द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिले में चुनाव व्यय की मॉनिटरिंग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उडऩ दस्ते, सहायक निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक, वीडियो अवलोकन टीम और वीडियो सर्विलांस टीम के माध्यम से की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के पश्चात् प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थैतिक सर्विलांस टीम भी कार्य आरंभ कर देंगी।