एसएमएस-वॉइस कॉल से अब आमजन को मिलेगी जनसुनवाई की जानकारी, नई गाइडलाइन जारी

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जयपुर। प्रदेश में डेढ़ साल के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आमजन की शिकायतें सुनने और उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए राज्य की गहलोत सरकार जनसुनवाई को और अधिक सशक्त करने जा रही है। जनसुनवाई को लेकर आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए जन सुनवाई से पहले ही आमजन को मोबाइल एसएमएस और वॉइस कॉल के जरिए जनसुनवाई की जानकारी मिलेगी। इस संबंध में जन अभियोग निराकरण विभाग ने नई गाइडलाइन भी जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के मुताबिक अब लोगों को जनसुनवाई से पहले मोबाइल एसएमएस और वॉइस कॉल के जरिए जानकारी मिलेगी की जन सुनवाई कब, कहां और कितने बजे होगी। इस तरह की सुविधा के बाद आमजन को जनसुनवाई की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आमजन के लिए छायादार स्थान और पानी के समुचित प्रबंध किए जाएं।

सभी संभागीय आयुक्त- जिला कलेक्टर्स को निर्देश

दरअसल नई गाइडलाइन को लेकर जन अभियोग निराकरण विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता की ओर से सभी संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर्स को निर्देश भी जारी किए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जनसुनवाई कार्यक्रम सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाए और उसकी मॉनिटरिंग भी प्रदेश स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। जन सुनवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। जन अभियोग निराकरण विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक सभी संभागीय आयुक्त अपने-अपने संभाग में होने वाली जिला, उपखंड और ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। साथ ही त्रिस्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम में कम से कम एक स्थान का निरीक्षण करेंगे। इसी प्रकार सभी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक भी जिला स्तरीय जनसुनवाई के अतिरिक्त कम से कम ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई शिविर का निरीक्षण करेंगे।

मंत्री भी करेंगे जिलों के दौरे

इधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी तमाम मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में भी जाकर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रियों की जनसुनवाई कार्यक्रम में भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। हालांकि मंत्रियों के दौरे 20 जून से ही शुरू होने थे लेकिन गहलोत सरकार के अधिकांश मंत्रियों की दिल्ली में व्यस्तता के चलते अपने-अपने प्रभार वाले जिलों के दौरे पर नहीं जा सके । माना जा रहा है कि अब 25 जून के बाद ही मंत्री अपने जिलों के दौरे पर जाएंगे।कहा कि बीजेपी के देशभर में 350 कार्यालय बन चुके हैं। बीजेपी को बताना चाहिए कि इतना पैसा उनके पास कहां से आया।