राजस्थान में पुलिस विभाग होगा अब पेपर लेस, रहेगी नजर ,होगी पारदर्शिता

23 Policemen of CID Crime Branch in Rajasthan will be honored with Union Home Minister's Service Medal and DGP Disc

जयपुर/ राजस्थान में पुलिस विभाग के मुख्य पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने पदभार ग्रहण करने के 1 माह के अंतराल में एक नवाचार करते हुए अब पुलिस विभाग पुलिस कार्यालयों को पेपर लेस करने का निर्णय लिया है और यह व्यवस्था इसी माह के अंत से प्रारंभ कर दी जाएगी।

इसने ही कार्यप्रणाली से कार्य में त्वरित गति आने के साथ ही पारदर्शिता आएगी और नजर बनी रहेगी । डीजीपी मिश्रा ने चरणबद्ध तरीके से ई-फाइल मॉड्यूल अपनाने के निर्देश दिये हैं।  

डीजीपी श्री मिश्रा ने इस आदेश पर ई साइन कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय की शाखाओं तथा उनके अधीनस्थ कार्यालयों, समस्त पुलिस रेंज एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालयों व उनके अधीनस्थ कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से ई-फाइल मॉड्यूल लागू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 30 जनवरी 2023 से फाइल संधारण का काम राजकाज एप्लीकेशन के ई-फाइल मॉड्यूल से कार्य योजना अनुसार किया जाएगा।

नोडल एजेंसी नियुक्त

एससीआरबी को राजकाज क्रियान्वयन के लिए स्टेट नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। पुलिस के सभी कार्यालयों में ई-फाइल के लिए आरपीएस स्तर के नोडल अधिकारी और उनके अधीन सहायक नोडल अधिकारी होंगे।

एससीआरबी द्वारा संबंधित शाखा कार्यालयों को ई फाइल का विस्तृत प्रस्तुतीकरण व प्रशिक्षण दिया जाकर इसे लागू करने की कार्य योजना बनाई जा रही है। अब नई फाइल ई-फाइल मॉड्यूल द्वारा ही खोली जाएगी तथा पुरानी फाइलों को पूर्ण स्कैन कर प्राथमिकता से ई-फाइल मॉड्यूल पर लाया जाएगा।

पासपोर्ट अनापत्ति प्रमाण पत्र अधिकारी भी होंगे राजकाज से

 

डीजीपी श्री मिश्रा ने बताया कि ई-फाइल मॉड्यूल के उपयोग से न केवल पत्रावलियों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। साथ ही किसी अधिकारी और कार्मिक के राजकीय यात्रा पर होने पर भी राज कार्य का समयबद्ध संपादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

डाक का संधारण और अवकाश संबंधित कार्य भी अनिवार्य रूप से राजकाज से ही किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा, पासपोर्ट, विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा, कार्यमुक्ति से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र इत्यादि भी राजकाज से ही संचालित होगा।