पेश हुए थानाधिकारी, रावण की रिहाई पर फैसला मंगलवार को

Jaipur News । प्रताप नगर थाना पुलिस की ओर से दशहरे पर दहन से पूर्व रावण को थाने ले जाने के मामले में प्रताप नगर थानाधिकारी महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-5 अदालत में पेश हुए। वहीं अदालत ने मामले में 10 नवंबर, मंगलवार को फैसला देना तय किया है।
 
सुनवाई के दौरान प्रताप नगर थानाधिकारी अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि दशहरे पर इलाके में धारा 144 लागू होने के चलते धारा 149 के तहत थाने लाया गया था। इस पर अदालत ने कहा कि यदि पुलिस ने कार्रवाई की तो फिर पुतले को जब्त क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही अदालत ने विकास समिति के पदाधिकारियों पर की गई कार्रवाई सहित अन्य बिन्दुओं पर थानाधिकारी से जवाब मांगा, लेकिन थानाधिकारी अपने जवाब से अदालत को संतुष्ठ नहीं कर सके। इस पर अदालत ने मामले में 10 नंवबर को फैसला देना तय किया है।
 
गौरतलब है की प्रताप नगर केंद्रीय विकास समिति की ओर से दशहरे पर 15 फीट का रावण दहन किया जाना था। दहन से पूर्व ही प्रताप नगर थाना पुलिस ने मौके पर जाकर पुतले को थाने ले आई थी। इस पर विकास समिति की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र भेजकर रावण को छुड़वाने की गुहार की गई। वहीं अदालती आदेश की पालना में प्रताप नगर थाना अधिकारी ने जवाब पेश कर अदालत को बताया था कि उन्होंने न तो रावण को जब्त किया है और ना ही वहां मौजूद लोगों से अभद्रता की है। पुलिस ने सिर्फ कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करते हुए रावण को थाने लाकर सुरक्षार्थ रखा था। जवाब का विरोध करते हुए समिति की ओर से अधिवक्ता विकास सोमानी ने कहा गया था कि बडे मैदान में पांच लोगों की मौजूदगी से महामारी कानून कैसे टूट सकता है। पुलिस ने यदि रावण को जब्त नहीं किया तो किस कानून के तहत उसे थाने लाया गया। इस पर कोर्ट ने थानाधिकारी को पेश होकर जवाब देने को कहा था।