देश में झगड़ा राम मंदिर का नहीं, श्रीराम जन्म स्थान का है- इन्द्रेश कुमार – रामजन्म स्थली अयोध्या का सच विषय पर संगोष्ठïी

जयपुर । राजस्थान चै बर ऑफ  कामर्स भवन में हिमालय परिवार की ओर से रामजन्म स्थली अयोध्या का सच विषय पर आयोजित संगोष्ठी में  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्याकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ प्रचारक इन्द्रेश कुमार ने कहा कि देश में झगड़ा राम मंदिर का नहीं, श्रीराम जन्म स्थान का है। राम मंदिर बहुत है लेकिन श्रीराम जन्म स्थान एक ही है। किसी से भी पूछने पर वह बता देगा कि राम जन्म स्थान उत्तरप्रदेश के अयोध्या में है। उन्होंने दावा किया कि सरकार और कोर्ट की ओर से विवादित ढांचे की खुदाई करवाई गई तो वहां पर एक भी इस्लामिक चिह्नï नहीं मिला, बल्कि मंदिर के अवशेष मिले। इन्द्रेश कुमार रविवार को राजस्थान चै बर ऑफ  कामर्स भवन में हिमालय परिवार की ओर से रामजन्म स्थली अयोध्या का सच विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विवादित ढांचे का निर्माण बाबर ने अपने नाम पर रखा जो कि इस्लाम के अनुसार भी मान्य नहीं है, क्योंकि इस्लाम में व्यक्ति के नाम पर धार्मिक स्थान का नाम नहीं रखा जा सकता है, न ही किसी अन्य धर्म के पूजा स्थल को तोड कर बनाया जा सकता है।

कुमार ने बताया कि राम जन्म भूमि अयोध्या और विवादीत ढांचे का झगड़ा लगभग ढाई दशकों से कोर्ट में चल रहा है। वास्तव में झगड़ा राम मन्दिर का नहीं राम जन्म स्थान का है। इतने ल बे समय से इस विवाद का हल नहीं निकला जबकि कोर्ट के दो फैसले जन्मभूमि के पक्ष में आ चुके है। भारत में मुस्लिम आक्रांता आए किन्तु किसी ने मुसलमानों के लिए अच्छी शिक्षा, स्वास्थ और रोजगार की व्यवस्था नहीं की, मुसलमानों को हमेशा अनपढए बेरोजगार और बीमार रखा। यही कारण है कि मुसलमानों को सभी जगह लोग पराए नजर आए अपने नहीं और उन्होनें आतंक की शरण ली। देश में बेटियों पर हो रहें अत्याचारों पर बोलते हुए कहा कि जब मां के कदमों में जन्नत होती ह, तो बेटी बोझ कैसे हो सकती है। मां भी तो कभी बेटी होगी। जब मां पावन है, तो बेटी बोझ क्यों। बेटी बोझ नहीं सौभाग्य है।

कायक्रम में सांसद मदनलाल सैनी ने कहा की इन्द्रेश कुमार देश के मुसलमानों को मु य धारा में लाने का कार्य कर रहे है और देश हर क्षेत्र में आगे बढे इसके लिए संघ कार्य कर रहा है। देश में राष्ट्रभक्ति की भावना हिलोरे ले रही है। इस अवसर पर कारी आलीम मौलाना ने कहा की कौमी एकता पर काम करने की पाबंदी किसी धर्म में नहीं है, किन्तु हमारे धर्म गुरू बिकाऊ हो गये है। कौमी एकता में हर कौम बराबर है कोई धर्म नहीं कहता की हम अलग अलग रहे। इस मौके पर संत महामण्डलेश्वर बालमुकुंदाचार्य, संघ के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश चन्द्र, अल्प सं यक आयोग के अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह भी उपस्थित थे।