अब राजस्थान में ई मित्र पर स्वीकार किए जाएंगे नए आवेदन,आमजन को मिलेगा सस्ता गेहूं

जयपुर / खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि प्रदेश की संवेदनशील राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल पुनः शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने वर्ष 2022- 23 की बजट घोषणा में 10 लाख नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़ने की घोषणा की थी। बजट घोषणा पर तुरंत प्रभावी कार्यवाही करते हुए विभाग ने एनएफएसए पोर्टल को तुरंत शुरू करने का निर्णय लिया है।

खाचरियावास ने बताया कि ई मित्र के माध्यम से नवीन आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। पोर्टल पर आवेदन के लिए जन आधार कार्ड एवं आधार नंबर होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत पूरे देश में कहीं से गेहूं लेने का लाभ मिल रहा है। भविष्य में भी इन लाभार्थियों को राशन लेने में परेशानी ना हो इसलिए नए आवेदनों में जन आधार कार्ड एवं आधार नंबर को अनिवार्य किया गया है।

जरूरतमंदों को मिलेगा सस्ते गेहूं का लाभ

खाद्य मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों द्वारा लंबे समय से एनएफएसए पोर्टल को पुनः शुरू किए जाने की मांग की जा रही थी। अब प्रदेश का हर जरूरतमंद सस्ते गेहूं का लाभ उठा सकेगा और कोई भूखा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में प्रदेश के एनएफएसए लाभार्थियों की अधिकतम संख्या 4.46 करोड़ होने पर एनएफएसए पोर्टल को 18 मई 2020 को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब पोर्टल पुनः शुरू किया गया है।

’पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता’

खाचरियावास ने कहा कि प्रदेश की संवेदनशील और सजग राज्य सरकार का सदैव प्रयास रहा है कि सभी पात्र लोगों को विभाग द्वारा संचालित सस्ते गेहूं की इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में यूपीए सरकार के दौरान प्रारंभ हुई इस योजना से आज भी आमजन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत द्वारा केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रयास भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड काल में विभाग द्वारा निशुल्क गेहूं का वितरण किया गया था। राज्य सरकार की सस्ते गेहूं की इस योजना के कारण कोविड महामारी के दौरान आर्थिक रूप से प्रभावित लोगों को भी भूखा नहीं रहना पड़ा।

खाद्य मंत्री ने बताया कि विभाग की एक रुपए किलो गेहूं फ्लैगशिप योजना के तहत प्रदेश में बीपीएल, स्टेट बीपीएल परिवारों को 5 किलो गेहूं प्रति यूनिट और अंत्योदय परिवारों को 35 किलो गेहूं प्रति परिवार हर माह दिया जा रहा है। शेष सभी श्रेणी के लाभार्थियों को 2 रूपये प्रति किलो गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है