महिला से गैंगरेप का वीडियो वायरल

dainik reporters

जयपुर। राजधानी जयपुर की मानसरोवर थाना पुलिस ने पांच महीने पहले उत्तरप्रदेश की रहने वाली एक महिला से गैंगरेप कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जयपुर के बाहर सर्च अभियान में लगी है, जल्द ही पुलिस अन्य आरोपितो को गिरफ्तार कर लेगी।

अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ गैंगरेप का वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली थी। इस वीडियो में महिला एवं एक पुरूष की तस्वीर के अलावा अन्य व्यक्तियों की आवाज थी। इसके अलावा एक व्यक्ति द्वारा महिला के साथ पिटाई की जा रही थी। वीडियो में आ रही आवाज से पता चला कि आरोपित जयपुर के रहने वाले है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर साउथ हरेंद्र महावर और पुलिस उपायुक्त क्राइम दिगंत आनंद के निर्देशन में जयपुर पुलिस के समस्त सीएसटी ,डीएसटी एवं थानाधिकारियों को इस वीडियो में मौजूद महिला एवं पुरुष की पहचान के लिए स्पेशल टीमें गठित की गई। तब सामने आया कि वीडियो में मौजूद महिला उत्तरप्रदेश की रहने वाली है। इस पर पुलिस टीम को उत्तरप्रदेश भेजकर महिला को जयपुर लाए और मानसरोवर थाने में मामला दर्ज करवाया 19 अक्टूबर 2020 को वह साईं कृपा होटल, हीरा पथ के सामने, न्यू सांगानेर रोड मानसरोवर में रुकी हुई थी। तब उसके जानकार संजू बंगाली ने पैसों का लालच देकर एक लड़के के साथ भेज दिया।

उस लड़के ने यश होटल के पास मांग्यावास में महिला को एक कार में बैठा लिया। इस कार में पहले से चार लोग मौजूद थे। इन्होंने उसे जबरदस्ती कार में खींचकर बैठा लिया। फिर महिला का मोबाइल छीन लिया। इसके बाद कार को अजमेर रोड पर महेंद्रा सेज की तरफ ले गए। वहां पांचों व्यक्तियों ने महिला से कार में दुष्कर्म किया। उसका मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। जिस कार में उसको लाया गया था। उसके अलावा भी दो अन्य गाड़ियां वहां थी। इसमें सवार लोगों ने भी महिला के साथ मारपीट कर कार में बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उनमें एक गुलाब नाम का आदमी था और एक लड़के का नाम अभिषेक था। उन सभी लोगों को सामने आने पर वह पहचान सकती है। गुलाब ने ही उसे धमकियां दी थी कि किसी को भी बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे। इस डर से वह उत्तर प्रदेश लौट गई। लेकिन आरोपितों ने वह वीडियो वायरल कर दिया।

पुलिस उपायुक्त हरेंद्र महावर ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने महिला के बयानों की वीडियोग्राफी की। उसका मेडिकल करवाया गया। पीड़िता का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को साइबर टीम की मदद से रुकवाया। इस संबंध में मानसरोवर सहायक पुलिस आयुक्त को केस की जांच सौंपी गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ, इन्दौर व जयपुर शहर में विभिन्न जगहों पर पुलिस टीमें भेजी गई और चिन्हित करते हुए आरोपित अभिषेक, मोंटी और संजू बंगाली को गिरफ्तार किया है और सभी आरोपित जयपुर के रहने वाले है। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।