जयपुर

जाट महासभा ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए किया दिल्ली कूच

Jaipur News। राजस्थान जाट महासभा द्वारा नये कृषि अधिनियमो के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए दिल्ली कूच किया। केंद्र सरकार द्वारा लाये गए तीनो काले कानूनो के खिलाफ पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे किसानों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए उनका समर्थन किया गया।

राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील व प्रदेश महासचिव मदन चौधरी ने बताया कि महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सोमवार सुबह वाहनो से जयपुर से चलकर शाहपुरा दिल्ली रोड होते हुये दिल्ली कुच किया। ज्यादा से ज्यादा किसानों के समर्थन में दिल्ली कुच कर केंद्र सरकार द्वारा लाये गये इन काले कानूनों का विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होने ने बताया कि संसद के गत सत्र में पारित कृषि सम्बन्धित तीन विधेयकों को वापिस लेने के लिये किसान संघर्षरत है इन विधेयकों का देशभर के किसान विरोध कर रहे है तथा गत छः माह से इन्हें वापिस लेने की गुहार कर रहे है लेकिन केन्द्र सरकार किसानों की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है और उल्टे किसानों को देशद्रोहीए अन्नभिज्ञ और राजनैतिक पार्टियों के बहकावे में बता रहे है। देश के किसानों की अनेक समस्याएं है यथा भूमि अधिग्रहण में कानून में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजे देने का प्रावधान होते हुये भी सरकार अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को नाममात्र का मुआवजा देती है। किसानों को उनकी उपज का वाजिम मूल्य नहीं मिल रहाए उपर से भारत सरकार महगाई रोकने के बहाने आवश्यकता के विपरित अनाप—सनाप कृषि जिन्सों का आयात करके तथा देश की खपत से अधिक उत्पादन के बावजूद निर्यात पर प्रतिबन्ध लगाकर कृषि जिन्सों की कीमते लगातार गिराने में लगी रहती है। स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने में भी लिपोपोतीए दिखावा एवं छलावा किया है। परिणाम स्वरूप देश के किसान आत्महत्या के लिये बाध्य है तथा गरीबी की रेखा के नीचे जा रहे है।
राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश महासचिव मदन चौधरी ने बताया कि किसानों की इस बदहालत पर प्रधानमंत्री ने आजतक चिन्ता प्रकट नही की और इधर—उधर की बाते करते रहते है। इन सब वजह से देश के किसान परेशान होकर और मजबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में कुच कर दिल्ली में सरकार के विरूद्ध धरना प्रदर्शन करने के लिये आ रहे थे तो सरकार ने सड़के रोककर किसानों पर लाठीचार्ज आंसूगे ठण्डे पानी की बौछार जैसे निर्दयी अत्याचार किये और किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन करने से रोक रही है। सरकार ने ये कृषि सम्बन्धित विवादस्पद अधिनियम करपोरेट के हित के लिये उनकी सलाह पर बनाये हैए किसानों से कोई राय नही की समुचित विचार के लिये सलेक्ट कमेटी को भी नही भिजवाये तथा बिना बहस के पारित कर दिये। देश के बहुसंख्यक किसानों की मर्जी के विरुद्ध सरकार इन अधिनियमों को वापिस नही लेने की हठधर्मिता अपनाये हुये है और उल्टे किसानों को बदनाम करने में लगी हुई है। राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश महासचिव मदन चैधरी ने कहा कि सरकार इस विवादस्पद अधिनियमों को पापिस ले किसानों से बात कर मान्य रिपोर्ट को पूर्णत्या लागू करने तथा एमएसपी पर खरीद की गारंटी का प्रतिनियम बनाये। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के साथ रखी गई बात में कोई नतीजा नही निकल रहा है। ऐसे मे महासभा की ओर से सोमवार को राजस्थान के किसानो के संगठन बडी संख्या में दिल्ली में प्रदर्शन करने एवं धरना देने के लिये पहुंचे।
Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम