जयपुर: कठपुतली नगर कच्ची बस्ती में तोड़फोड़ का विरोध 

 जयपुर। नगर निगम जयपुर ग्रेटर की ओर से ज्योति नगर स्थित कठपुतली नगर में की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई का स्थानीय बाशिंदों ने विरोध किया है। वहीं उपायुक्त द्वारा चस्पा किए गए नोटिस को लेकर स्थानीय बाशिंदों ने नगर निगम महापौर डॉक्टर सौम्या गुर्जर व अन्य अधिकारियों से मिलकर शिकायत दर्ज करवाई।  

   वहीं वार्ड संख्या 147 के क्षेत्रीय पार्षद पर स्थानीय दुकानदारों एवं रहवासियों से मंथली राशि की डिमांड करने का आरोप लगाया। पार्षद द्वारा धमकी दी गई बताई कि यदि उन्हें मंथली राशि नहीं दी गई तो वह मकान और दुकान छुड़वा देंगे।

इस संदर्भ में स्थानीय बस्ती वासियों की डॉक्टर ओपी टाक एवं बाबूलाल के सानिध्य में बैठक हुई। जिसमें बस्ती वासियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे नगर निगम ग्रेटर एवं क्षेत्रीय पार्षद की गलत नीतियों का हर स्तर पर विरोध करेंगे। 

   डॉक्टर ओपी टांक ने बताया कि नगर निगम द्वारा दिए गए नोटिस का उन्होंने जवाब दे दिया है। वहीं मैयर सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को स्थिति से अवगत करवाते हुए इस मामले को लेकर ज्ञापन भी दिए हैं। बैठक में राजस्थान कच्ची बस्ती महासंघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

उन्होंने पीड़ितों की सुध ली तथा हर स्तर पर सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। बैठक में डॉक्टर ओपी टांक, शहजाद भाई, अशोक शर्मा, रवि हटवाल, बाबूलाल कलोसिया, गजानंद खींची सहित बस्ती के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 स्टे के बावजूद निगम ने की तोड़फोड़

उल्लेखनीय है कि कठपुतली नगर कच्ची बस्ती में सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश है। इस संदर्भ में राजस्थान कच्ची बस्ती महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कठपुतली नगर के डॉक्टर ओपी टांक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार ही बस्ती में हाई कोर्ट ने बस्ती वासियों की सुविधा के लिए 25 टॉयलेट वह बाथरूम बना कर दिए हैं तथा रिसीवर नियुक्त किया हुआ है।

बावजूद इसके जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने बस्ती में तोड़फोड़ की, जो कि स्थगन आदेश की खुली अवहेलना है। वहीं क्षेत्रीय पार्षद अपनी मनमानी करते हुए स्थानीय बाशिंदों को धमकियां देते हैं।