इतिहास में पहली बार राजस्थान में पाबंदियों के बीच मनाया जाएगा क्रिसमस

Jaipur News । क्रिसमस के मौके पर पूरे विश्व में प्रभु यीशु मसीह के पैदा होने की खुशी 25 दिसम्बर को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है, लेकिन इस बार इस खुशी पर कोरोना महामारी का पहरा है। सरकार की ओर से कोरोना से बचाव के लिए की जा रही सख्ती के बीच पर्व व त्योहार मनाने के प्रति विशेष सावधानियां बरती जा रही हैं। इस वजह से इस बार प्रदेश के चर्चों में क्रिसमय पर बड़े आयोजन नहीं किए जा रहे हैं। चर्च में क्रिसमस प्रार्थना के मौके पर भीड़-भाड़ ना रहे इसके लिए ऑनलाइन प्रार्थनाएं भी की जाएगी। कोविड 19 के कारण जहां पिछले 10 महीनों से दुनिया भर के लोग विभिन्न त्योहारों को मनाने से वंचित रह गए हैं तो अब इसका असर आने वाले क्रिसमस पर भी पूर्ण रूप से देखा जा रहा है।

क्रिसमस के मौके पर सरकार की तरफ से भी विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। वैसे तो सतर्कता के चलते कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण किया गया है, लेकिन फिर भी वैक्सीन के आने तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्रिसमस के त्यौहार की तैयारियां नवंबर माह के अंतिम रविवार से ही शुरू हो जाती है। 25 दिसंबर की पूर्व संध्या को सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं की जाती हैं, जिसमें सभी समुदाय के लोग भारी संख्या में हर साल हिस्सा लेते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के कारण मुख्य पर्व क्रिसमस बड़े ही एहतिहात के साथ मनाया जाना तय हुआ है।
अजमेर के डायसिस ऑफ राजस्थान के बिशप दरबारा सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि पाबंदियों के बीच क्रिसमस डे मनाया जाएगा। इस पर्व का सभी को इंतजार रहता है। इस बार चर्च में होने वाली प्रार्थना को देखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिससे सभी समुदाय के लोग यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से प्रार्थना सभा में शामिल हो पाएंगे।
जयपुर में चांदपोल स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च समेत अन्य चर्च में वर्चुअल तरीके से ही भगवान यीशु का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। पादरी दीपक बेरिस्टो ने बताया कि इस बार लोगों को चर्च में न बुलाकर घरों पर रहकर ही मोमबत्तियां जलाकर प्रभु के जन्मदिन की खुशियां मनाने के लिए कहा गया है। चर्च में नाटकों का मंचन भी नहीं होगा।
 अजमेर के ब्यावर स्थित प्रदेश के पहले शूल ब्रेड मेमोरियल चर्च में इस बार कोरोना की वजह से कोई कार्यक्रम नहीं होंगे। क्रिसमस केवल प्रभु आराधना तक सीमित रहेगा। सचिव दीपक मैथ्यू ने बताया कि प्रभु की आराधना सुबह होगी। निर्धारित संख्या में लोग आएंगे, हॉल में प्रोजेक्टर लगेगा। 26 से 31 दिसम्बर तक केवल बच्चों के लिए पार्क में प्रतियोगिताएं होंगी। बुजुर्गों को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।