सियासत से निकलकर शादी के कार्ड पर पहुंचा ERCP का मुद्दा

issue of ERCP reached the marriage card after coming out of politics

जयपुर। राजस्थान के 13 जिलों को जोड़ने वाली ईस्टर्न कैनाल परियोजना (ERCP ) को राष्ट्रीय परियोजना की लगातार उठ रही मांग का असर अब शादी विवाह में भी देखने को मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला पूर्वी राजस्थान के दौसा जिले में देखने को मिला है, जहां पर दौसा जिले की तहसील राहुवास के ढोलावास गांव में एक परिवार ने शादी के निमंत्रण कार्ड (marriage card ) पर ‘ईआरसीपी ‘ (ERCP ) छपवाया है।

शादी के निमंत्रण कार्ड पर लिखा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को चालू करो, इसके साथ ही कार्ड पर रहीम दास के दोहे “रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे मोती मानस चून” भी लिखा हुआ है। बताया जा रहा है कि ‘ईआरसीपी’ लिखा हुआ कार्ड दौसा और आसपास के कस्बों में निमंत्रण के तौर पर वितरित किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर भी “ईआरसीपी’ लिखा हुआ कार्ड लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि राजस्थान के 13 जिलों को जोड़ने वाली ईआरसीपी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने मोर्चा खोल रखा है। हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य के जलदाय मंत्री महेश जोशी के बीच ट्विटर वॉर भी हो चुका है।

कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की बात पहले कह चुके हैं जिस पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री इनकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री के वीडियो को ट्वीट करते हुए वीडियो पोस्ट किया था । प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी ईस्टर्न कैनल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग के साथ ही प्रदेश के 13 जिलों में हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का पुतला भी फूंका गया था।

ईआरसीपी के बहाने गढ़ बचाने की भी कवायद

इधर ईस्टर्न कैनल परियोजना के बहाने कांग्रेस पार्टी पूर्वी राजस्थान में अपना गढ़ बचाने की जुगत में भी लगी हुई है। वहीं बीजेपी यहां अपनी खोई जमीन तलाश कर रही है। पूर्वी राजस्थान के दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, भरतपुर और धौलपुर में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी सीटें इन जिलों से मिली थी।