हरियाणा में बाजरा खरीद 2100 है तो गहलोत सरकार 1300 में ही क्यों खरीद रही : कटारिया

फाइल फोटो गुलाब चन्द कटारिया

Jaipur News । नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने कृषि बिल के मसौदे का समर्थन किया था, वे ही अब भारत बंद का समर्थन कर रही है, जिससे उनको दोगलापन जाहिर हो रहा है।  कटारिया ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की रिकमेंडेशन के आधार पर बिल लाए गए हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इस बिल को लाने की बात कही थी। नीति आयोग की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए।

कटारिया सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाजरे की खरीद 2100 में है, लेकिन हमारे राज्य में किसान 1300 के भाव में बेच रहा है। एमएसपी के आधार पर देश भर में खरीद होती रही है, होती रहेगी। 70 साल में पहली बार भारत के किसान को आजादी मिली है कि वे अपनी फसल की खुद कीमत तय कर कहीं भी कभी भी बेच सकता है। ऐसे कल्याणकारी फैसले का भी विपक्षी दल विरोध कर किसानों को गुमराह करने का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसमें वो कभी सफल नहीं होंगे।
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया के साथ प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश मंत्री श्रवण सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी विमल कटियार मौजूद रहे। कटारिया ने कहा कि सभी पार्टियों के लोगों ने इस किसान बिल को लेकर अपना समर्थन दिया था, परंतु आज ये सभी पार्टियां कांग्रेस के साथ मिलकर इसका विरोध कर रही हैं। किसानों का अहित करने में ये सभी पार्टियां बराबर की दोषी हैं। आज इन पार्टियों के नेता जनता में अपना विश्वास खो चुके हैं। ये निर्दोष किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। किसानों के हितों की बलि चढ़ा रहे हैं।
कटारिया ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन के बहाने कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, स्वराज पार्टी, अकाली दल, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, टीएमसी, लेफ्ट पार्टी समेत अन्य दूसरी पार्टियां अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही हैं। इनके मंसूबे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होंगे।