जिला प्रशासन कैसा काम रहा है? क्या पब्लिक अधिकारियों से संतुष्ट है-राजे

 
 
बैठक होनी थी भाजपा कार्यलय में हुई सीएम आवास पर
जयपुर । राष्ट्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री राजे के बीच चली आ रही  राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पद पर चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को आठ  सिविल लाइन्स पर संगठन के नेताओं के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक अहम बैठक ली। इस बैठक में विशेष जिला प्रवास योजना की समीक्षा की समीक्षा की गई । वहीं संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने संभागवार बैठकें लेकर आने वाले चुनावों में भाजपा की स्थिति का आकलन किया। साथ ही सरकार एवं संगठन में सुधार के लिए सुझाव भी लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अलावा राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी.सतीश, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर मौजूद रहे। पहले यह बैठक भाजपा कार्यालय में संगठन के पदाधिकारी लेते किन्तु ऐनवक्त पर मुख्यमंत्री ने यह बैठक सीएमआर में बुला ली।
गौरतलब है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में विशेष जिला प्रवास योजना के तहत भाजपा नेताओं को तीन दिनों के लिए जिलो में भेजा गया था। इस कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों एवं केंद्रीय मंत्रियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक मंत्री या सांसद को भेजा गया। मंत्रियों एवं सांसदों ने आंवटित जिले में तीन दिन तक प्रवास किया और विभिन्न संगठनात्मक बैठकें ली थी। इन बैठकों के दौरान कई जिलों में भारी विरोध सामने आया था। कुछ जिलों में कार्यकर्ताओं ने ब्यूरोक्रेसी और राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल खडा किया था। तीन दिनों तक जिलो में रहकर इन नेताओं ने जमीनी हकीकत टटोली और आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी की स्थिति का आकलन किया। योजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में दो-दो जिलों में प्रवास प्रभारियों के ग्रुप बना कर एक बंद कमरे में फीडबैक लिया गया। इस दौरान सभी लोगों के मोबाइल बाहर रखवा दिए गए। जिला प्रवास करने वाले मंत्रियों एवं सांसदों से प्रवास के दौरान का अनुभव पूछा गया। सीएम ने पूछा कि जिला प्रशासन कैसा काम रहा है?  क्या पब्लिक अधिकारियों से संतुष्ट है, प्रदेश प्रभारी खन्ना ने जिले की संगठन इकाई के कार्य के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा सभी से उन कार्यों की जानकारी ली गई, जिन्हें तुरंत कराया जाना जरूरी है और भाजपा को आगामी चुनाव में फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही तीन दिनों तक की गई बैठको के दौरान सामने आई स्थिति की जानकारी भी हासिल की।