राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को मिली सरकार की हरी झंडी, चुनाव में 30% मंत्रियों के कटेंगें टिकट

Once again in preparation for a major reshuffle in the bureaucracy, the government, brainstorming on the transfer list of IPC officers

जयपुर/ राजस्थान में लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे तृतीय श्रेणी के शिक्षकों के लिए आने वाला नया साल सौगात लेकर आया है सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों की हरी झंडी दे दी है और मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री कल्ला को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने के आदेश भी देती हैं वहीं दूसरी ओर आने वाले विधानसभा चुनाव में राजस्थान सरकार के 30% मंत्रियों के टिकट कटने की भी संभावना है ? 

राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान सरकार के मंत्रियों के साथ फीडबैक मैराथन बैठक में चुनावी साल के दौरान तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने पर सहमति बनी है।

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को लेकर लंबे समय से शिक्षा विभाग के साथ-साथ मंत्रियों द्वारा भी मांग की जा रही थी इस बैठक में अधिकांश मंत्रियों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर रोक हटाते हुए तबादले करने के सुझाव दिए थे ।

इस पर बैठक में सन 2016 के बाद भर्ती हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने पर सहमति बन गई है 

इस बैठक में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला के मुद्दे पर राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रंधावा ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला के लिए किसी भी तरह की नई पॉलिसी नहीं लानी चाहिए और तबादले करने चाहिए उन्होंने कहा कि इससे तो पंजाब में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन गया और सरकार चली गई ।

यह तबादले बिना पॉलिसी का इंतजार की होनी चाहिए इस पर बैठक में ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला से तबादले करने को कहा है। 

इस बैठक में मंत्रियों से राजस्थान में कांग्रेस की सरकार एक बार फिर से रिपीट हो इस पर सुझाव पूछे गए तो मंत्री उदयलाल आंजना और राजेंद्र यादव ने कहा कि अगर सरकार को रिपीट करनी है तो 30% मंत्रियों के टिकट काटने चाहिए और साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हारे हुए प्रत्याशियों की सीटों पर बहुत पहले टिकट निर्धारित कर देना चाहिए ।

ताकि चुनाव से काफी पहले जिन्हें टिकट देना है उन्हें इशारा कर दीजिए ताकि वह काम कर सकें जब चुनाव के नजदीक टिकट काटेंगे तो पार्टी को नुकसान होगा बैठक में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के गुटके बीच जारी विवाद को खत्म करने का सुझाव भी दिया गया ।

मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि गुड बंदी को ऊपरी स्तर पर गहलोत पायलट की लड़ाई को खत्म करने का मैसेज जाना चाहिए इसी बीच मंत्री सालेह मोहम्मद भी सुझाव देने लगे तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीच में ही उनकी बात को काटते हुए रोका और कहा कि पहले आप जैसलमेर का झगड़ा निपटाने पर जोड़ दीजिए।

आपका और विधायक रूपाराम का झगड़ा मिट जाए तो दोनों जीत जाएंगे नहीं तो दोनों के सामने परेशानी खड़ी हो जाएगी अर्थात दोनों हार भी सकते हैं डोडा सारा का कहने का मतलब यह था।

बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले का मुद्दा उठने पर कोई चर्चा के दौरान कहा कि पेपर लीक पर विपक्ष से पहले हमारे ही लोग सरकार के खिलाफ बोलते हैं यह एक आत्महत्या या आत्मघाती जैसा कदम है।

जब हमारे ही लोग हमारी सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो फिर क्या रह जाएगा गहलोत ने कहा कि पेपर लिख तो अन्य राज्यों में भी हुए हैं और हमारी सरकार ने तो तत्काल कार्यवाही की है और पेपर लीक करने वाले को गिरफ्तार भी किया है लेकिन जब हमारे ही सरकार के लोग हमारी सरकार अपने लोगों पर सवाल खड़े करते हैं तो फिर क्या बचता है