गहलोत सरकार के शासन में 80 हजार मुकदमे महिला अपराधों के: पूनियां

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जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार की विफलता एवं आज के हालात में सबसे बड़ी चिंताजनक स्थिति लचर कानून व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 6 लाख 14 हजार मुकदमे दर्ज होना एक बानगी है। 80 हजार मुकदमे केवल महिला अपराधों के दर्ज होना और उसमें भी 12 हजार मुकदमे दुष्कर्म, गैंगरेप जैसी घटनाओं के दर्ज होना, इस सरकार के लिए सबसे बड़ी शर्मनाक बात है।

डाॅ. पूनियां बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झालावाड़, कोटा, अजमेर, टोंक सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों की घटनाओं ने हम सबको झकझोर दिया है। कोटा सम्भाग में एक नाबालिग बच्ची से दरिंदगी का मामला हो, जयपुर के थानों का मामला हो या अन्य जिलों की घटनाएं प्रदेश में कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। थानों में एफ.आई.आर. दर्ज कराने जाने वाली महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर पार्टी ने पूरे प्रदेशभर में हल्ला बोल के कार्यक्रम आयोजित किये हैं, प्रदेशभर के सभी उपखण्डों पर ये प्रदर्शन हो चुके हैं और आज राजधानी जयपुर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोल के माध्यम से गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। महिला सुरक्षा के मामलों को लेकर मैंने केन्द्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

डाॅ. पूनियां ने ट्वीट कर कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार रोकने की मुख्यमंत्री गहलोत को चिंता नहीं है, युवाओं के रोजगार की चिंता नहीं, अपनों पर विश्वास नहीं, इसलिए इस सरकार को राज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।