राजस्थान के इतिहास में पहली बार 80 पार पहुंचा पेट्रोल, डीज़ल दर में भी वृद्धि जारी

जयपुर। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। इनकी कीमतों में पिछले एक हफ्ते से भी ज़्यादा समय से लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। राजस्थान भी इनके बढ़ते दामों से अछूता नहीं है। प्रदेश में पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 80 रूपए के हो गए हैं। राजधानी जयपुर  में पेट्रोल 80 रूपए 24 पैसे की के मौजूदा दर से मिल रहा है। जबकि डीज़ल की कीमत 72 रूपए 98 पैसे हो।
 पेट्रोल तथा डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला 11वें दिन भी जारी रहा। मुंबई में पेट्रोल का दाम 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़तोरी के साथ 85 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं जबकि डीजल 73 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल तथा डीजल की कीमतों में ढाई रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में हो रही बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है और चुनावी वर्ष में यह भारतीय जनता पार्टी के लिए चिंता का कारण बन सकता है। मोदी सरकार 26 मई को चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने जा रही है और उसके लिए सबसे बड़ी चिंता की वजह पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी है।  पेट्रोल-डीज़ल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से राजस्थान के कई ज़िलों में लोगों की नाराज़गी बढ़ने लगी है। अलवर, गंगानगर, जयपुर, चूरू, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, बीकानेर , डूंगरपुर में पेट्रोल 80 के पार पहुंच गया है। अलवर में अन्य जिलों से महंगे पेट्रोल-डीजल का कारण मालभाड़ा व एनसीआर सेस है। दरअसल, अलवर जिला एनसीआर में आता है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल पर लगभग 17 से 20 पैसे प्रति लीटर एनसीआर सेस (टैक्स) भी लगता है। इससे अन्य जिलों की तुलना में अलवर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ जाती हैं। अलवर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति भरतपुर व जयपुर से होती है। जितनी दूरी भरतपुर से अलवर की है, लगभग उतनी ही दूरी भरतपुर से धौलपुर की है। इसके बावजूद अलवर में एनसीआर सेस लगने से यहां पेट्रोल-डीजल धौलपुर से महंगा है। राजस्थान की बात करें तो प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के चार डिपो हैं। जो भरतपुर, चित्तौडग़ढ़, जयपुर व जोधपुर में स्थित हैं। इन डिपो से जिन जिलों की दूरी कम है, वहां पेट्रोल-डीजल अपेक्षाकृत सस्ता है। दूरी बढऩे के साथ-साथ मालभाड़ा बढऩे से इसकी कीमतें भी बढ़ जाती हैं। अलवर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ज्यादातर भरतपुर के धौरमई स्थित ऑयल डिपो से होती है। भरतपुर से अलवर की दूरी लगभग 110 किलोमीटर है। इससे मालभाड़ा लगने से भरतपुर व अलवर की पेट्रोल-डीजल की दरों में ही लगभग एक रुपए प्रति लीटर का अन्तर आ जाता है।