पचास से अधिक नकबजनी की वारदातों गिरोह का पर्दाफाश,हिस्ट्रीशीटर सहित दो गिरफ्तार 

जयपुर। करधनी थाना पुलिस ने शातिर नकबजन गिरोह का पर्दाफाश कर मुरलीपुरा के हिस्ट्रीशीटर सहित ओपन जेल का सजायाप्ता आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पचास से अधिक नकबजनी की वारदातों का खुलासा किया है। अन्य वारदातों की आशंका के चलते आरोपितों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।

डीसीपी (वेस्ट) अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शातिर नकबजन गैंग का पर्दाफाश कर आरोपित मुरलीपुरा थाने के हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मीनारायण उर्फ लच्छु धोबी उर्फ पप्पू उर्फ मोटा उर्फ गप्पू भाई (43) निवासी विकास नगर मुरलीपुरा हाल बंजरग कॉलोनी करणी विहार और ओपन जेल का साजायाप्ता आरोपी देवेन्द्र सिंह (35) निवासी गांव कुतिना मांडल अलवर हाल संजय नगर वैशाली नगर को गिरफ्तार किया गया है।

नकबजनी की बढ़ती वारदातों के चलते एसएचओ अनिल जसोरिया के नेतृत्व में एसआई वासुदेव व दिलीप और कांस्टेबल अमित सिंह, बलराम और अजेन्द्र सिंह की टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने आसूचनाओं को एकत्र कर दोनों आरोपितों को धर-दबोचा। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वारदात में उपयुक्त लोहे का नकब और बाइक जब्त की है। पूछताछ में आरोपितों ने करधनी, झोटवाडा,वैशाली नगर, भांकरोटा, करणी विहार, सोडाला आदि इलाकों में सूने मकानों में 50 से अधिक नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस पूछताछ में अन्य वारदातों के खुलासे के साथ माल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे है।

21 साल बीते जेल में: नकबजन लच्छ धोबी स्मैक पीने का आदी है। नकबजनी के लिए दोनों आरोपित बाइक से कॉलोनियों में रैकी करते। जिसके बाद मकान पर ताला लगा देखकर वारदात को अंजाम देकर गहने-नकदी चोरी कर फरार हो जाते थे। स्मैक पीने की लत के चले लक्ष्मीनारायण उर्फ लच्छु चोरों का बादशाह बन गया। बचपन से ही स्मैक पीने की लत लगने से कम आयु में ही नकबजनी की वारदाते करने लगा। अपने महंगे शौक को पूराकरने के लिए चोरी की वारदात करता है। जयपुर के विभिन्न थानों में किशोर अवस्था से अब तक 63 चोरी के मुकदमों में वह जेल जा चुका है। अलग-अलग समय में अब तक 21साल की अवधि जेल में बंद रहकर बिता चुका है।

निगारानी का काम करता देवेन्द्र : वर्ष 2005 में रोनित नाम के बच्चे के अपहरण के मामले में श्याम नगर थाना पुलिस ने आरोपित देवेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया था। मामले में उसे आजीवन कारवास की सजा हुई है। सित बर 2016 से देवेन्द्र सिंह सांगानेर खुली जेल में सजा काट रहा था। आॅपन जेल में दिन के समय बंदियों को जेल से बाहर जाने की छूट होने के कारण देवेन्द्र सिंह की मुलाकात लक्ष्मीनारायण उर्फ लच्छु से हुई। निजी आवश्कताओं की पूर्ति के लिए उसके साथ मिलकर चोरी व नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पूछताछ में आरोपित देवेन्द्र सिंह ने बताया कि वह मकान के बाहर निगरानी करता था और लच्छु ताले तोड़कर माल बटोरता था।

चोरी के माल से उठाया लोन: पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि नकबजनी से प्राप्त ज्यादातर सोने के गहनों को गोल्ड लोन बैंकों में रखकर लोन उठाया है।  चोरी किए गोल्ड से परिचितों की आईडी से विभिन्न गोल्ड कंपनियों में गोल्ड रखकर लोन पर रुपए लिए है। लोन से प्राप्त 70 प्रतिशन मिली राशि से दोनों अपने शौक पूरे करते थे।