फाइनेंसर के बेटे ने दोस्तों संग मिलकर पिता के ऑफिस से लूटे 23 लाख

Jaipur। जवाहर नगर थाना (Jawahar Nagar Police Station) इलाके में फाइनेंसर (Financier) के घर फर्जी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अधिकारी(Fake anti-corruption bureau officer) बनकर 23 लाख रुपये लूट मामले का 24 घंटे में शनिवार को खुलासा करते हुए पुलिस ने इस मामले में फाइनेंसर के बेटे को ही गिरफ्तार किया है। जब वारदात पर बेटे से मामले की जब अलग-अलग तरीके से पूछताछ की तो वह घबरा गया और टूट गया और अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना कबूला।

प्रारम्भिक जानकारी में सामने आया कि आरोपित बेटे को खर्च के लिए पिता पैसे नहीं देते थे और कुछ समय पहले उसे बिटकोइन में लाखों रुपये का नुकसान भी हो गया था। जिसकी भरपाई करने के लिए लूट की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व अभिजीत सिंह ने बताया ​कि जवाहर नगर इलाके में रहने वाले फाइनेंसर दीपक शर्मा के बेटे विधित शर्मा को 23 लाख रुपये लूट मामले गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में और पूछताछ में जुटी है, ताकि और कुछ भी खुलासा हो सके। इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह घटना वाले स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे, जिसमें दो ही व्यक्ति दिखाई दिए थे, जबकि फाइनेंसर के बेटे ने घटना में तीन लोगों के शामिल होने की बात कही थी।

जिस पर पुलिस को फाइनेंसर के बेटे पर शक हुआ और फिर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और बताया कि बिटकोइन में लाखों रुपये का नुकसान हो गया था, जिसकी भरपाई करने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर की लूट की साजिश की थी। इस संबंध में दो अन्य मित्रों की तलाश की जा रही है।

थानाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि शुक्रवार को लूट की वारदात जयपुर के जवाहर नगर इलाके में रहने वाले फाइनेंसर दीपक शर्मा के ऑफिस में हुई थी। दीपक जयपुर में बैंकों व अन्य फाइनेंस कंपनियों से कमीशन लेकर लोगों को लोन दिलाने का काम करता है। जब वारदात हुई तब दीपक का बेटा विधित अकेला था,तब तीन लोगों ऑफिस में आए। विधित ने लूट की जानकारी देते हुए पुलिस को बताया था कि लुटेरोंं ने खुद को एसीबी का अधिकारी बताया और बैंक लोन संबंधित कागजात देखते हुए लाइसेंस व अन्य डॉक्यूमेंट्स मांगने लगे।

जांच के दौरान ही एक बदमाश ने ऑफिस में रखी अलमारी को खोलकर दिखाने के लिए कहा। जब विधित ने अलमारी खोली तो उसमें रखे 22 लाख 98 हजार रुपये देख पूछा कि इतनी पैसा कहां से आया? विधित इसका जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद लुटेरों ने सारे पैसे एक बैग में रखे और लेकर निकल गए।

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