शिक्षा विभाग – स्कूलों में सप्ताह मे दो दिन मिलेगा दूध, कुक कम हेल्परों को मिलेंगे टेबलेट, होंगे प्रशिक्षित

जयपुर / शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने शिक्षा विभाग व वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को शिक्षा संकुल में आयोजित कार्यक्रम में मिड डे मील योजना में कार्य कर रहे कुक कम हेल्पर को टेबलेट वितरित किए तथा उनके प्रशिक्षण हेतु FOSAFMDM ऐप का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर डॉ कल्ला ने कहा कि ऐप के द्वारा 9 अध्यायों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील पकाने वाले कुक कम हेल्पर को हाथ धोना, रसोई में सफाई रखना, भोजन बनाने वाले बर्तनों को साफ रखना, कीटाणुओं से खाने को बचाना, खाने को सही तरीके से पकाना, भोजन बनाने के बाद कचरा प्रबन्धन इत्यादि के बारे में जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जाएगा।

ताकि सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पौष्टिक व संतुलित आहार दिया जा सके। उन्होंने श्लोक के माध्यम से समझाया कि सात्विक भोजन से सात्विक बुद्धि का विकास होता है तथा बच्चों को स्वास्थ्यप्रद भोजन देने से उनकी घातक बीमारियों से रक्षा होगी।

साथ ही उन्होंने कहा कि सभी प्रिंसिपल को मिड डे मील वितरण से पहले भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए। डॉ कल्ला ने कहा कि राजस्थान का आहार विविधता व पौष्टिकता लिए हुए हैं तथा देश-विदेश में इसकी प्रशंसा होती है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ कल्ला ने कहा कि सरकारी विद्यार्थियों को हफ्ते में 2 दिन दूध सप्लाई करने का कार्यक्रम जल्द शुरू होगा। साथ ही चल रही बोर्ड परीक्षाओं में चीटिंग पर डॉ. कल्ला ने कहा कि नकल करने वालों पर विभाग कड़ी नजर रखे हुए हैं तथा इसके विरूद्ध सख्त कानून बनाया जा चुका है।

उन्होंने अध्यापकों की स्थानांतरण नीति पर कहा कि विभाग द्वारा स्थानांतरण नीति तैयार की जा चुकी है तथा जल्द ही उचित स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर इसका क्रियान्वन किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने कहा कि मिड डे मील विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विद्यालय में नामांकन और ठहराव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी कॉम्बो पैक द्वारा मिड डे मील घर-घर वितरित किया गया तथा कुक कम हेल्पर के मानदेय में 20% की बढ़ोतरी की गई।

गोयल ने कहा कि ऐप के माध्यम से कुक कम हेल्पर को बच्चों को स्वस्थ रखने में हाइजीन का महत्व समझाने तथा उनके प्रशिक्षण व संवेदीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा।

समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक व मिड डे मील आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ एमओयू किया गया था जिसके तहत कुक कम हेल्पर के प्रशिक्षण हेतु टेबलेट वितरण तथा ऐप लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत कुक कम हेल्पर को साफ सफाई के प्रति जागरूकता हेतु ट्रेनिंग दी जाकर एक व्यवहारिक बदलाव लाया जाएगा तथा ऑनलाइन माध्यम से इस प्रशिक्षण का विस्तार किया जाएगा।

डब्ल्यूएफपी के एरिक केनेफिक ने बताया कि वर्ष 1961 से संचालित वर्ल्ड फूड प्रोग्राम इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने तथा मिड डे मील को एक स्वास्थ्यप्रद वातावरण में तैयार करने पर केंद्रित है। केनेफिक ने बताया की ऐप को गूगल प्ले से डाउनलोड करके भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्यक्रम में मिड डे मील निदेशक डॉ आशीष कुमार व्यास सहित विभाग के सभी आला अधिकारी उपस्थित रहे।