देश में लोकतंत्र को ढूंढना पड़ रहा है – अशोक गहलोत

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि आज देश में लोकतंत्र को ढूंढना पड़ रहा है। लोकतंत्र के सामने खतरे हैं। देश के ऐसे हालात बन गए हैं कि सारी एजेंसियां सरकार के शिकंजे में आ गई हैं। चुनाव आयोग, न्यायपालिका, ईडी, आयकर विभाग पर शिकंजा कसा हुआ है। सरकार से कोई विरोध है तो उसे देशद्रोही बताया जा रहा है। पूरी दुनिया के मुल्कों में हमारे देश की बदनामी हो रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को सलाह दी कि सरकार किसानों और राज्य सरकारों को विश्वास में लेकर नए कृषि कानून लेकर आए। गहलोत शुक्रवार को दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के 75वें वर्ष के मौके पर अमृत महोत्सव अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मोदीजी मोहन भागवत से सलाह कर लें। देश को एक रखना है, अखंड रखना है तो सही रास्ते पर आ जाएं। वरना, जनता सही रास्ते पर ला देगी। आज अमेरिका-स्वीडन में क्या लिखा जा रहा है। आप वास्तव में 56 इंच का सीना दिखाओ। आप सभी जाति-वर्ग को साथ लेकर चलें। मोहन भागवत हिंदुओं की बात करते हैं और आज भी मानवता पर कलंक का प्रतीक छुआछूत है। मोहन भागवत और आरएसएस छुआछूत मिटाने पर काम करें। अगर वास्तव में वे खुद को हिंदू मानते हैं तो छुआछूत खत्म करें। भाजपा-आरएसएस हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़वाते हैं। बाद में ये दलित-गैर दलित के नाम पर लड़वाएंगे।

गहलोत ने कहा कि किसान आंदोलन पर अमेरिका-यूरोप के देश क्या-क्या कह रहे हैं। वह पढ़ेंगे तो आपकी आंखें खुल जाएंगी। मोदीजी दुनिया में घूम रहे हैं लेकिन अब स्थिति उल्टी हो गई है। दुनिया के देशों में किसान आंदोलन को लेकर जो प्रतिक्रिया हो रही है। उम्मीद है कि विदेश मंत्री प्रधानमंत्री को सही सलाह देंगे। देश का दुर्भाग्य है कि जिन किसानों ने देश की आजादी में हिस्सा लिया हो, उन किसानों के मामले में सरकार कृषि कानूनों पर जिद पकड़ बैठी है। सरकारों को कभी जिद नहीं करनी चाहिए। सरकारों को हमेशा जनता जनार्दन के सामने नतमस्तक होना चाहिए।

सीएम ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर गलतफहमी पैदा हो गई है तो क्या फर्क पड़ता है। छह माह के लिए कानून वापस ले लीजिए। राज्य सरकारों, किसानों से बात कर उन्हें विश्वास में लेकर फिर से नया कानून ले आइए। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा हो चुकी है। किसानों को आंदोलन करते 4 माह हो गए, पूरे देश में गुस्सा है। चार महीने से किसान सडक़ों पर बैठे रहे। 200 से ज्यादा किसान मारे गए हैं। उनके परिवारों पर क्या बीती होगी। मोदी भी आज साबरमती से दांडी यात्रा शुरू कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि गांधीजी को याद कर मोदी के अंतर्मन को यह झकझोरेगा और शाम तक वे फैसला करें तो खुशी होगी।

गहलोत ने इस दौरान कोरोना को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। महाराष्ट्र के 5 शहरों में लॉकडाउन लग चुका है। संख्या राजस्थान में भी बढ़ चुकी है। लोगों को चाहिए कि कोराना की जीती जंग हम हार नहीं जाएं। इसलिए सावधानी बरतें। लापरवाही हुई तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में 25 लाख का वैक्सीनेशन हो चुका है। राजस्थान देश में वैक्सीनेशन में नंबर वन है। हमें वैक्सीन नहीं मिल रही थी तो नीति आयोग में बात करनी पड़ी। स्वास्थ्य मंत्री से बात की। अब परसों से वैक्सीन आने लगी हैं। हमारे विपक्षी साथी जिनके लिए हम हमेशा कहते हैं कि हमें सबका सहयोग मिला है, फिर भी आलोचना करने से बाज नहीं आते हैं। हमारा मंगलवार से वैक्सीनेशन बंद होने वाला था। सीएचसी-पीएचसी पर बंद हो गया था। इसलिए हमें केंद्र से मांग करनी पड़ी। फिर भी हमारे कुछ बड़बोले नेता हैं जिन्हें कमेंट करना ही होता है। कोरोना में आलोचना होनी ही नहीं चाहिए, हमने सही समय पर सही बात कही।