तूफान का खौफ: जयपुर में हाई अलर्ट, शाम 6 बजे तक सतर्कता बरतें

राजस्थान के 10 जिलों में तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में स्कूलों की छुट्‌टी कर दी गई है और शाम 6 बजे तक लोगों को सतर्कता बरतने को कहा गया है.

राजस्थान में मंगलवार को भी रेतीले तूफान का खौफ जारी रहा. देर रात राजधानी जयपुर में अधड़, तूफानी हवाओं ने लोगों की बैचेनी बढ़ा दी.  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया. जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि दोपहर 12 बजें से लेकर शाम 6 बजे तक सर्तकता बरतें. आमजन जरुरी नहीं हो तो घरों से बाहर नहीं निकलें. इस अलर्ट के बाद राजधानी के स्कूल बंद कर दिए गए और सभी बच्चों को घर भेजना शुरू कर दिया.

इससे पहले सोमवार को जिस तूफान की आशंका जताई जा रही थी वह पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके बीकानेर पहुंचा. शाम 5 बजे वहां धूल भरी आंधी शुरू हुई जिसने देर शाम तक पूरे इलाके को अपनी जद में लिया. बीकानेर के अतिरिक्त जैसलमेर क्षेत्र में भी तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के साथ बूंदाबांदी होती रही. कई इलाकों में आंधी इतनी तेज थी कि बिजली के खंभे उखड़ गए. जिसके चलते दर्जनों गांवों में बिजली गुल हो गई.

आधी रात के बाद जयपुर तक तेज हवाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. तड़के 4 बजे से पांच बजे तक रेतीला तूफान आया और 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाएं चली. कई इलाकों में सुबह तक बिजली गुल रही.

जयपुर समेत 10 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने झुंझुनू, सीकर, अजमेर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, दौसा, अलवर, टोंक और चूरू जिलों में अलर्ट घोषित किया है. इसी के साथ आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर आ गईं हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय भी आए दिन हो रहे मौसम में बदलाव को लेकर अपनी निगाहें बनाए हुए है.

उधर, राजस्थान, हरियाणा और यूपी के साथ-साथ दिल्ली-NCR तक तूफान पहुंच गया. तूफान के कारण यहां कई जगहों पर देर रात बिजली गुल हो गई. वहीं कुछ जगहों पर गरज से बौछारें भी पड़ी. मौसम विभाग ने देश के 20 राज्यों में भारी बारिश और तूफान को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया था. मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार वाले तूफान की चेतावनी दी थी. इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने सेकेंड शिफ्ट में चलने वाले शहर के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है. इसके अलावा दिल्ली मेट्रो ने भी ट्रेनों के परिचालन में सतर्कता बढ़ा दी है.