19 साल 800 से अधिक लाशों का पोस्टमार्टम करने वाली देश की पहली महिला

Dr. CHETAN THATHERA
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जयपुर / दुर्घटनाओं में आत्महत्याकरने तथा विभिन्न अन्य मामलों में करने वालों का कानूनी प्रक्रिया के लिए लाशों का पोस्टमार्टम सरकारी अस्पतालों में आमतौर पर चिकित्सा के या स्वीपर करते हैं लेकिन देश में एक ऐसी महिला है जो डॉक्टर नहीं है और ना ही चिकित्सा लेकिन पिछले 19 सालों से वह अब तक 800 से अधिक लाशों का पोस्टमार्टम कर चुकी है संभव तैयार देश की यह पहले महिला है जो इस कार्य को निभा रही है कर रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले के नरहरपुर ब्लॉक में रहने वाली दुर्गा संतोषी नामक महिला सन 2004 से पोस्टमार्टम कर रही है आमतौर पर पुरुषों के वर्चस्व वाले इस कार्य को करने वाले लोग नशा करने के बाद ही लाशों का पोस्टमार्टम करते हैं या पोस्टमार्टम करने के बाद नशा करते हैं।

क्योंकि कई बार सडी गली पुरानी बदबूदार लाशों का पोस्टमार्टम करना पड़ता है और उस स्थिति को सहन करना सामान्य व्यक्ति के लिए बिना नशे के संभव नहीं होता है।

हिम्मत भी नहीं हो पाती है लेकिन इस परंपरा और धारणा को नरहरपुर की दुर्गा संतोषी ने न केवल तोड़ते हुए बल्कि बिना किसी तरह का नाश किए पोस्टमार्टम का कार्य करके दिखाया और अब तक वह करीब 800 से अधिक लाशों का पोस्टमार्टम कर चुकी है ।

बताया जाता है कि दुर्गा संतोषी के पिता शासकीय चिकित्सालय नरहरपुर में नौकरी करते थे और वह पोस्टमार्टम भी करते थे लेकिन जब भी वह पोस्टमार्टम अर्थात चीर फाड़ कर घर पर आते थे तो शराब के नशे में मदहोश हो जाते थे। समझाने पर वह जिद्दी करके कहते थे कि लाश की चीर फाड़ होश में रहकर नहीं की जा सकती।

पिता की इस लत से घर के सभी सदस्य और संतोषी स्वयं परेशान थी और अपने पिता की इस लत को छुड़ाने के लिए संतोषी ने एक दिन शर्त लगा दी कि वह बिना नशा किया पोस्टमार्टम कर सकती है और अगर उसने बिना शराब पिए काम करके दिखाया तो उनको अर्थात उसके पिता को शराब छोड़ने होगी ।

शर्त के बाद दुर्गा संतोषी ने पहला पोस्टमार्टम 2004 में किशनपुरी गांव में 5 दिन पुरानी एक लाश को कब्र से निकाल कर जो की क्षत-विक्षित हो चुकी थी का सिर फोड़कर पोस्टमार्टम किया वह भी बिना नशे के यह शर्त जीतने के बाद दुर्गा संतोषी के पिता ने अपनी हार मानते हुए शराब तो छोड़ दी लेकिन कुछ समय बाद ही उनका निधन हो गया। 

परिवार में दुर्गा संतोषी सबसे बड़ी सदस्य होने तथा परिवार मे 6 छोटे भाई बहन होने की नाते परिवार के लालन पालन की जिम्मेदारी उसे पर आ गई और फिर पोस्टमार्टम करना उसकी मजबूरी बन गया संतोषी को नरहरपुर चिकित्सालय में जीवनदीप योजना के तहत ₹2600 वेतन पर जो संविधान नियुक्ति दी गई है ।

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम