
जयपुर। ईस्टर्न कैनाल परियोजना (इआरसीपी) को लेकर राज्य की कांग्रेस पार्टी एक बार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी के साथ आर-पार की लड़ाई करने के मूड में है। डेढ़ साल के बाद प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी अब पूरे दमखम के साथ इस मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन शुरू करेगी। इसके लिए कांग्रेस पार्टी अब आगामी 6 जुलाई को पूरे राजस्थान में धरना प्रदर्शन करके इसकी शुरुआत करने जा रही है। सरकार के तमाम मंत्रियों-विधायकों और नेताओं को धरने प्रदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है।
कांग्रेस सूत्रों कहना है कि आरसीपी के मुद्दे से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है, इसलिए लगातार कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। इससे पहले इसी साल 13 अप्रैल का भी राजस्थान कांग्रेस में 13 जिलों में धरने प्रदर्शन करके केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
ईस्टर्न कैनल परियोजना के तहत 13 जिले आते हैं, उनमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ शामिल हैं। ईस्टर्न कैनल परियोजना पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर बैठक भी हुई है।
इसमें तमाम नेता शामिल हुए।उल्लेखनीय है कि ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है भाजपा और कांग्रेस के नेता इस मामले को लेकर एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से नहीं चूक रहे हैं।