अग्निपथ योजना को सीएम गहलोत ने बताया देश की सुरक्षा से खिलवाड़

Police assault on workers and journalists at Congress headquarters, CM Gehlot condemned

जयपुर। आर्मी भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सीएम गहलोत एक बयान जारी करके मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है।गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सेना जैसे संवेदनशील संस्थान में संविदा भर्ती करना अविवेकपूर्ण फैसला है।

सेना को अभी तक गैर-राजनीतिक एवं वित्तीय बंधनों से मुक्त रखा गया। एक तरफ तो यह तर्क दिया गया कि सेना में न्यू पेंशन स्कीम को भी इसलिए ही लागू नहीं किया जिससे सैनिक भविष्य की चिंता किए बगैर अपना योगदान दे सकें। अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य एवं देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है।

सीएम गहलोत ने आगे लिखा कि राजस्थान के हजारों युवा देशसेवा के लिए सेना में भर्ती होते हैं। अग्निपथ योजना से राजस्थान समेत भारत के लाखों युवाओं में रोष एवं नाराजगी है।

पूरे देश में जिस तरह युवा आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखते हुए इस योजना को केन्द्र सरकार अविलंब वापस लेना चाहिए। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि विरोध में हिंसा का रास्ता ना अपनाएं।

वहीं सचिन पायलट  ने एआईसीसी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता की- कहा सरकार को पहले खाली पदों को भरना चाहिए था, 1 लाख 20 हजार अधिकारियों के पद थल सेना में खाली है अहंकार,जिद में सेना पर ऐसी योजना नहीं थोपी जाए, जिनके लिए योजना लाए वो सड़कों पर हैं, सेना के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं हो, स्कीम से फायदा कम,नुकसान ज्यादा है।

सचिन पायलट जी ने कहा कि जैसे किसानों से बिना पूछे किसान कानून लाए थे और देश में किसान आंदोलन हो गया था। ऐसे ही सेना अधिकारियों, सेना में भर्ती के इच्छुक युवाओं को विश्वास में लिए बिना यह सेना में ठेके की भर्ती लाए हैं। इसके खिलाफ भी देश भर में युवा आंदोलन शुरु हो गया।