भीलवाड़ा व चित्तौडगढ 10 शहरों में अब 9 बजे ही बंद होंगे बाजार

Jaipur। कोरोना (Corona) के लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण अब राजस्थान (Rajasthan) के सभी नगरीय क्षेत्रों में बाजार रात्रि 10 बजे के स्थान पर एक घंटे पूर्व 9 बजे ही बंद होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के जिन नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11 बजे से नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लगाया गया है, वहां अब रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा एवं कुशलगढ़ के साथ-साथ नाइट कफ्र्यू के दायरे में अब चित्तौडग़ढ़ और आबूरोड को भी शामिल कर लिया गया है।

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने यह फैसले बुधवार को मुख्यमंत्री निवास (Chief Minister’s residence) पर वीडियो कांफ्रेंस से कोविड-19 तथा वैक्सीनेशन की समीक्षा बैठक में किए। उन्होंने राजस्थान को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गत दिनों कोविड प्रोटोकॉल की पालना में हुई लापरवाही के कारण कोरोना के केस तेजी से बढ़े हैं।

इसे देखते हुए उन्होंने कोविड गाइडलाइन की पालना न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने, नाइट कर्फ्यू का समय बढ़ाने सहित अन्य पाबंदियां पुन: लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

गहलोत ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अधिक केस सामने आते हैं, वहां जिला कलक्टर राज्य सरकार से परामर्श कर शैक्षणिक संस्थान बंद कराने के संबंध में निर्णय ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कोरोना प्रोटाकॉल का उल्लंघन होता है तो उल्लंघन करने वाले के साथ-साथ संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को भी जिम्मेदार माना जाएगा और ऐसे प्रतिष्ठानों को सीज भी किया जा सकेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय निकाय की संयुक्त टीम बाजारों का दौरा कर प्रतिष्ठानों में कोविड प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करेंगीं।

 

ये टीमें 14 अप्रैल तक सघन निरीक्षण करेंगी और उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और सीजिंग की कार्यवाही भी कर सकेंगी। जिन विवाह स्थलों पर निर्धारित सीमा से अधिक लोग समारोह में एकत्रित होते हैं तो उन विवाह स्थलों के संचालक भी जिम्मेदार होंगे। ऐसे विवाह स्थलों को सीज किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियों, रेस्टोरेंट, कैमिस्ट शॉप, अनिवार्य एवं आपातकालीन सेवाओं से संबंधित कार्यालय, विवाह संबंधी समारोह, चिकित्सा संस्थान, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्री, माल परिवहन करने वाले वाहन तथा लोडिंग एवं अनलोडिंग के नियोजित व्यक्ति नाइट कफ्र्यू की व्यवस्था से पहले की तरह मुक्त होंगे।

 

मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे कोरोना को लेकर अपने-अपने जिले का एक्शन प्लान बनाएं और पॉजिटिविटी रेट, मृत्यु दर, टेस्टिंग आदि की नियमित समीक्षा करें। कांटेक्ट ट्रेसिंग, माइक्रो कंटेनमेंट जोन और टेस्टिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दें। जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों को पुन: प्रभावी बनाएं। इंसीडेंट कमांड सिस्टम को पुन: मजबूत किया जाए। ‘नो मास्क-नो एंट्री’ की सख्ती से पालना हो। टीकाकरण की गति को बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में राजस्थान अब तक आगे रहा है।

 

लेकिन, बीते कुछ दिनों से देश के अन्य राज्यों के साथ ही हमारे यहां भी केसेज तेजी से बढ़े हैं। कोराना से जीती हुई जंग कहीं हम हार न जाएं, इसके लिए जरूरी है कि लोग अति-आवश्यक होने पर ही दूसरे राज्यों की यात्रा करें। उन्होंने कहा कि इन कड़े कदमों से लोगों को कुछ तकलीफ हो सकती है लेकिन जीवन रक्षा के लिए ऐसे निर्णय लिया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सभी पटवारियों ने पूर्व में भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। आशा है कि वे प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए पुन: काम पर लौटेंगे।राज्य सरकार उनकी वाजिब मांगों पर समुचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Medical Minister Dr. Raghu Sharma) ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सख्ती आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व में समय से लिए गए निर्णयों के कारण राजस्थान कोरोना के प्रबंधन में सबसे आगे रहा। प्रदेश को संक्रमण से बचाने के लिए सरकार सभी संभव कदम उठाएगी।

प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार ने 21 मार्च को जारी कोरोना गाइडलाइन्स के प्रभावों तथा प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में गाइडलाइन जारी कर उसकी पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति तथा वैक्सीनेशन के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या बढक़र 8155 हो गई है। केस डबलिंग टाइम भी घटकर 312 दिन हो गया है तथा पॉजिटिविटी रेट 3 से 9 मार्च के सप्ताह में 1.21 प्रतिशत थी, जो बढक़र 24 से 30 मार्च के सप्ताह में 3.16 प्रतिशत हो गई है।

बैठक में मुख्य सचिव निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव भवानी सिंह देथा, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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