राजस्थान में चुनाव से पहले 216 संस्थाओं, ट्रस्टों ,अस्पतालो, स्कूलो को रियायती दर पर दी गई जमीन पड़ सकती है खटाई में

Dr. CHETAN THATHERA
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जयपुर/ राजस्थान में भाजपा ने सत्ता की बात डोर संभाली है और सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत सरकार के एक निर्णय को बादल भी दिया और अब का को सरकार के कार्यकाल में चुनाव में आचार संहिता से पहले आनन-फानन में राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक संगठन सामाजिक संस्थाएं ट्रस्ट स्कूलों और अस्पतालों को रियायती दर पर जमीन आवंटित की गई जमीने अब खटाई में पड सकती है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालने के बाद कहा था कि गहलोत सरकार की योजनाएं बंद नहीं होगी लेकिन भाजपा सरकार अब गहलोत सरकार द्वारा पिछले 6 माह में लिए गए फैसलो और योजनाओं की समीक्षा करेगी।

सूत्रों के अनुसार गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान चुनाव से 6 माह पहले सामाजिक संस्थाएं,संगठन, ट्रस्टो, अस्पतालो और स्कूलों को थोक के भाव में रियायती दर पर जमीने आवंटित की गई थी जिनकी संख्या 300 से अधिक है इनमें से 216 मामलो मे तो आचार संहिता से ठीक 19 दिन पहले ही 20 सितंबर को 24 जिलों में आवंटन किए गए थे ।

इन सभी आवंटन में अधिक मामले जोधपुर मे सबसे अधिक 44 तथा इसके अलावा जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर, सवाई माधोपुर, बीकानेर ,भरतपुर ,अजमेर,पाली, केकड़ी, सिरोही, जैसलमेर, बालोतरा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़, अलवर, दोसा, सीकर, बूंदी, फलोदी, बांसवाड़ा में किए गए ।

भीलवाड़ा में तो पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट तथा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे ओम नारायणीवाल की संस्था को 70 करोड़ की जमीन 35 लाख में आवंटित करने का एक मामला इन दिनों काफी सुर्खियों में है और इसको लेकर आसींद क्षेत्र की जनता ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी किया और जमीन आवंटन को निरस्त करने की चेतावनी भी दे रखी है।

इसी तरह जयपुर में ही एक निजी विश्वविद्यालय मेडिकल ट्रस्ट एक अस्पताल को 5 लाख वर्ग मीटर से अधिक लगभग 200 बीघा जमीन आवंटित की गई है जिसकी बाजार कीमत 670 करोड़ है लेकिन उसे मात्र 70 करोड रुपए में आवंटित की गई है।।

इन सभी आवंटन का सरकार समीक्षा करेगी और उसके बाद इन आवंटन को रद्द करने का निर्णय लेगी । ऐसे में इन सभी जमीनों के आवंटन रद्द होने की तलवार लटकी हुई है जो कभी भी गिर सकती है ?

गहलोत सरकार की प्रमुख योजनाएं जिन पर भाजपा सरकार की विशेष नजरे

संस्थाओं संगठन ट्रस्ट हॉस्पिटल स्कूल आदि को जिनकी संख्या 300 से अधिक है रियायती दर पर जमीन आवंटन का मामला

कांग्रेस सरकार में गठित 19 नए जिलों का मामला

सोलर एनर्जी कंपनी को करीब 2000 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने का मामला

उद्योग विभाग के जरिए राजस्थान में निवेश करने वाली कंपनियों को कस्टमाइज्ड पैकेज का मामला

कुछ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट जो सवालों के घेरे में हैं और सरकारी एजेसी ही उन पर सवाल उठा रही है

विभिन्न समाजों के बोर्ड गठन जो 40 से अधिक हैं

महिलाओं को मुक्ति स्मार्टफोन वितरण

 

रियायत दर पर आवंटन के लिए गहलोत सरकार ने बनाई थी कमेटी

गहलोत सरकार ने 7 मंत्रियो की मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड कमेटी बनाई थी जिसमे यूडीएच मंत्री शांतिलाल धारीवाल चिकित्सका मंत्री परसादी लाल मीणा,राजस्व मंत्री रामलाल जाट,मंत्री भूपेश बघेल,भजनलाल जाटव,शंकुतला रावत और राजेंद्र यादव शामिल थे । मंत्री जाट ने कमेटी मे ही रहते हुए अपनी ही संस्था के नाम 70 करोड की जमीन 35 लाख मे आवंटन करा लेने का आरोप है।

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम