अशोक गहलोत और सचिन पायलट में फिर से विवाद शुरू ,आख़िर वजह क्या ,पढ़े

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Jaipur। राजस्थान में एक बार फिर से राजनीतिक घमासान छिड़ गया है इसकी वजह है राजस्थान यूथ काँग्रेस है। पिछले कोरोना कहर के बीच राजस्थान की राजनीति में भूचाल आया था । पहले भी बर्चस्व की लड़ाई थी इस बार भी वो ही होती जा रही है

अब संगठन की ओर से कड़े कदम उठाते हुए प्रदेश युवक कांग्रेस के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संगठन की ओर से कार्रवाई करते हुए इन तीनों पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है ।

इतना करने के बाद भी संगठन के तेवर कम पड़ते नहीं दिखे रहे हैं।3 पदाधिकारियों के निलंबन के साथ ही संगठन की ओर से चार पदाधिकारियों को 3 महीने का नोटिस (Notice) दे दिया गय।

ये इतनी सामान्य बात नहीं है जितनी दिख रही है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो ये पिछले साल में आए सियासी संकट के घाव हैं जिनसे अभी भी मवाद बाहर आ रहा है।

संगठन से इनको किया सस्पेंड


कांग्रेस के युवा संगठन की ओर से कार्रवाई करते हुए प्रदेश महासचिव गौरव सैनी के साथ ही प्रदेश सचिव रामनिवास गोदारा और परमिंदर सिहाग को निलंबित कर दिया गया है।

वहीं जिन चार पदाधिकारियों को 3 महीने का नोटिस दिया गया है उनमें प्रदेश महासचिव भरत चौधरी, अजीत बेनीवाल, प्रदेश सचिव सुनील डूडी और हरप्रीत सिंह का नाम शामिल है।

अब इन पदाधिकारियों को आगामी तीन माह की अवधि में अपने कार्य के प्रति गंभीरता दिखानी होगी। इसके बाद ही संगठन आगे के निर्णय लेगा।