अफसरों को चांदी के सिक्के बांटने पर डॉ. सतीश पूनियां ने गहलोत सरकार को घेरा

7 जिलों के कलेक्टरों को उपहार में बांटे गए 250-250 ग्राम के चांदी के सिक्कों के मामले में अब सियासी उबाल आ गया है

Satish poonia
File photo - Satish poonia

Jaipur News। किसानों को कर्ज बांटने वाले राजस्थान राज्य सहकारी बैंक यानी अपेक्स बैंक की आम सभा में शामिल बैंक के अध्यक्ष और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैंक प्रशासक रहे 7 जिलों के कलेक्टरों को उपहार में बांटे गए 250-250 ग्राम के चांदी के सिक्कों के मामले में अब सियासी उबाल आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां  ने इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सरकार पर निशाना साधा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने इस मामले में ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पूनियां ने अपने ट्वीट में लिखा कि हम यही तो कह रहे हैं अशोक गहलोत जी, कि प्रदेश में लोग कोविड 19 के इलाज और राशन के लिए तरस रहे हैं और आपकी नाक के नीचे अफसर चांदी कूट रहे हैं। इसलिए तो आपके बेहतर प्रबंधन की मिसाल पूरे देश में दी जाती है। जरा इस खबर पर भी नजरें इनायत कीजिए सच क्या है। कोरोना काल में राज्य सरकार ने अनावश्यक खर्चों पर रोक लगा रखी है। फिर भी सहकारी बैंक द्वारा इस तरह के गद्दारों को घर बैठे चांदी का वितरण करना अन्य नेताओं की कमाई पर लूट मचाने जैसा कृत्य है।

अपैक्स बैंक की आमसभा में शामिल बैंक अध्यक्ष, प्रशासक और पदाधिकारियों को जो चांदी के सिक्के बांटे गए, उसके फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। साथ ही जिन्हें ये सिक्के बांटे गए उनकी सूची के कुछ भेज भी वायरल हो रहे हैं। बताया जा रहा है मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई सहकारिता विभाग की बैठक में भी इस मामले की जानकारी मांगी गई है। बताया यह भी जा रहा है कि मामले के तूल पकडऩे के बाद कुछ पदाधिकारियों और प्रशासक रहे कलेक्टर्स ने उपहार में मिले चांदी के सिक्के लौटाने की पेशकश भी की है।
मामले के अनुसार पिछले दिनों प्रमुख सचिव और अपैक्स बैंक के प्रशासक कुंजी लाल मीणा की अध्यक्षता में हुई आम सभा में सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष और राज्य स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में कोरोना के चलते वर्चुअल तरीके से सदस्य अपने जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इन सभी को उपहार स्वरुप 250-250 ग्राम के चांदी के सिक्के दिए गए। बैठक में 21 सदस्य ही शामिल हुए थे, लेकिन चांदी के सिक्के 40 से अधिक लोगों को बांट दिए गए। इनमें 7 कलेक्टर भी शामिल हैं, जिन्हें ये सिक्के उपहार स्वरूप दिए गए। ये सभी कलेक्टर केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रशासक के तौर पर शामिल हुए थे। हालांकि, मामला मीडिया में उछलने के बाद सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा को इस मामले में 2 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।