भाजपा नेता हत्या मामला – 5 संदिग्ध हिरासत में ,60 घंटे बाद भी लाश नही उठाई गई

जयपुर /नागौर/ नागौर जिले के नावां कस्बे में नमक व्यापारी और भाजपा नेता जयपाल पूनिया की हत्या के सनसनीखेज मामले में सीआईडी क्राइम ब्रांच एवं नागौर जिला पुलिस की टीम ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है ।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस क्राइम डॉ रवि प्रकाश ने बताया कि इस हत्या के पीछे का षड्यंत्र और कहानी पुलिस के सामने आ चुकी है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर घटना में लिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

एडीजी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एचसीएमयू रेंज सेल अजमेर नेम सिंह के नेतृत्व में अनुसंधान हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए एवं चश्मदीद गवाहों के बयान लिए गए हैं। इससे पहले एसपी नागौर राममूर्ति जोशी द्वारा भी घटनास्थल का एफएसएल एवं एमओबी टीम से निरीक्षण करवाया गया और अज्ञात मुलजिम व घटना में प्रयुक्त वाहन की तलाश के लिए स्पेशल टीम गठित की गई ।

उन्होंने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं घटनास्थल के बीटीएस तथा सन्दिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल विश्लेषण के आधार पर 5 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जा रही है।

प्रारंभिक पूछताछ में इन व्यक्तियों की घटना में संलिप्तता पाई गई है। मौके पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात है। एसपी राममूर्ति जोशी निरंतर मौके पर रहकर घटना के संबंध में पर्यवेक्षण कर रहे हैं ।

विदित है कि 14 मई को नागौर जिले में नावां थाना अंतर्गत नमक व्यापारी जयपाल पूनिया निवासी गागड़ वास, राजगढ़ जिला चुरु हाल लक्ष्मण कॉलोनी नावां शहर पर एक बिना नंबरी सफेद रंग की बोलेरो में आए 5-6 अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों ने हमला कर दिया। सूचना पर थानाधिकारी धर्मेश दायमा तुरन्त मौके पर पहुंचे ओर घायल जयपाल पूनिया को तुरंत राजकीय चिकित्सालय नावा शहर पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जयपुर रेफर किया गया। जयपुर लाते समय रास्ते में जयपाल पूनिया की मौत हो गई। इस घटना के संबंध में मृतक जयपाल पुनिया की पत्नी सरिता जाट द्वारा थाना नावां में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

उधर फ्री हो घटना के 60 घंटे बाद भी दत्तक भाजपा नेता लोग व्यापारी जयपाल का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और ना ही शव उठाया गया था तथा भाजपा और आरएलपी का धरना प्रदर्शन जारी था।