जयपुर

25 lakhs की lottery के नाम पर 22 lakhs रुपये ठगने वाले दम्पत्ति सहित तीन गिरफ्तार

Jaipur News।  अनिता जांगिड़ ने 22 फरवरी,2020 को सायबर क्राईम पुलिस स्टेशन एसओजी पर रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके पास नवम्बर 2019 में केबीसी (KBC)में 25 लाख की लॉटरी (lottery) जीतने का कॉल आया। फिर फाईल खोलने, पिन न.हटाने, जीएसटी चार्ज, टैक्स कस्टम चार्ज व मिठाई इत्यादि के नाम पर लगभग 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों में नवम्बर 2019 से फरवरी 2020 के बीच जमा करा लिए जिस पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।


प्रकरण में अनुसंधान किया तो कुल 29 बैंक खातों में नवम्बर-19 से फरवरी-20 के मध्य लगभग 49 बार अलग-अलग टुकड़ों में परिवादीया द्वारा रूपये जमा कराना पाया गया व 29 अकाउंट में से 28 अकाउंट एसबीआई बैंक के बिहार, झारखण्ड, उत्तरप्रदेश एंव दिल्ली के पाये गये व एक खाता बैंक ऑफ बडौदा झारखण्ड का पाया गया।

दिल्ली स्थित खाता धारक की तलाश सीडीआर व बैक अकाउंट विशलेषण के आधार पर की गई तो खाता धारक  मानसी पत्नी चेतन (24 ) निवासी आया नगर दिल्ली मिली, जिससे अनुसंधान पर पाया गया कि उसने अपना ओर अपने पति चेतन का खाता सायबर ठगी करने वाले व्यक्तियों को उपलब्ध कराया तथा उसमें इमेल आईडी अन्य आरोपी की जोडकर नेट बैंकिग उपयोग करने दी।  मानसी के खाते में लाखों रूपयो का लेनदेन पाया गया जो कि देश के अलग अलग लोगों का था व तुरन्त आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।

प्रकरण मे आरोपितों की पहचान होने के पश्चात अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एंव एसओजी के निर्देश पर उप महानिरीक्षक एसओजी शरत कविराज के सुपरविजन में सीआई  सज्जन कंवर, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, बनवारी लाल व मनोज कुमार को दिल्ली भेजा गया जहां से दम्पति को दबिश देकर दस्तयाब किया गया तथा इस बाबत दोनों को एसबीआई बैंक ले जाकर बैंक से विस्तृत जानकारी प्राप्त की एंव दोनों आरोपीगण  मानसी एवं उसके पति चेतन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। चेतन दिल्ली के मेक्स अस्पताल में व मानसी हेल्थ प्लस क्लिनिक में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर है।

मानसी के खाता से लिंक मोबाईल नम्बर के विश्लेषण में 1 साल में कुल 13 स्मार्ट फोन काम में लेना पाया गया, जिसमें महंगे 4 आईफोन व 4 सैमसंग गैलेक्सी के शेष अन्य कम्पनी के थे जबकि दोनो की मासिक वेतन सोलह हजार व अठारह हजार मात्र है।

तत्पश्चात दोनों से पुछताछ के आधार पर जीतू नाम के लडके द्वारा अपने अकाउंट की डिटेल बैंक मे बदलवा कर देना तथा खाता उपयोग करना पाया गया जिसको दस्तयाब किया तथा उससे पूछताछ की गयी तो उसका नाम आदित्य उर्फ जीतू निवासी आया नगर, दिल्ली, स्थाई निवासी गांव चोरा, थाना बलबडा, जिला गोडा, झारखण्ड पाया गया। जिसने पूछताछ मे बताया कि बिहार के रितिक नाम के लडके को उक्त दोनों के खाता व अन्य लोगों के खाते भी उपलब्ध कराये है जिस पर आदित्य को भी प्रकरण में गुरुवार को गिरफतार किया गया।

इस प्रकार लॉटरी के नाम पर लोगों को फंसा कर उनसे रुपये एंठने के लिए स्वयं का बैंक खाता खुलवाकर उसकी नेट बैंकिग व अन्य विवरण गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध करवाकर ठगी की गई है।

मुल्जिमों के विभिन्न बैंक खातों के विवरण का विश्लेषण करने पर करोडों रुपये का लेन देन पाया गया। मुल्जिम आदित्य के पास सैकडों लोगों के आधार कार्ड के फोटो, अन्य कई लोगों के विभिन्न बैंक खातों के दस्तावेज व स्वयं के फर्जी दस्तावेज मिलें है। तीनों मुल्जिमान से अनुसंधान किया जाकर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने हेतु न्यायालय से 4 दिन का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी, राजस्थान जयपुर ने साइबर अपराध से बचाव हेतु जनहित में अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रस्तावों व ऑफरों के प्रलोभन में नहीं आये।

राशि दुगनी करने, लॉटरी लगने, इन्शोरेन्स पॉलिसी, सस्ते लोन उपलब्ध कराने आदि के लालच में नहीं आयें, किसी को ओटीपी नहीं बतावें, अनजान व्यक्ति से अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करें।

फेसबुक पर रूपयों की मांग पर रूपये ट्रांसफर नहीं करें। लालच भरे संदेशो व लिंक पर बिल्कुल ध्यान नहीं देवें। ऑनलाईन धोखाधडी़ होने की स्थिति में तुरंत संबंधित बैंक

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