दक्षिणी राजस्थान में जमकर बारिश, बांसवाडा में बरसा एक फीट पानी

चार जिलो के जीवनदायी बांध बीसलपुर में भी पानी की आवक लगातार जारी है। मंगलवार को त्रिवेणी 2.30 मीटर के गेज पर चली। इस दौरान बांध का एक गेट बंद कर दिया तथा दो गेटों से पानी की निकासी जारी रही। वहीं मंगलवार को दिन में कोटा, जैसलमेर, उदयपुर, बाडमेर और जयपुर में बारिश दर्ज की गई

जयपुर

राज्य में एक सप्ताह का आराम देकर मानसूनी बादल एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बादल जमकर बरसे तथा नदी नालों में पानी की आवक तेज हो गई। इसके अलावा झालावाड और बूंदी जिले में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हुई। राजधानी में दिनभर की उमस और तेज धूप के बाद शाम को आसमान से राहत की बारिश हुई। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया।

इधर, चार जिलो के जीवनदायी बांध बीसलपुर में भी पानी की आवक लगातार जारी है। मंगलवार को त्रिवेणी 2.30 मीटर के गेज पर चली। इस दौरान बांध का एक गेट बंद कर दिया तथा दो गेटों से पानी की निकासी जारी रही। वहीं मंगलवार को दिन में कोटा, जैसलमेर, उदयपुर, बाडमेर और जयपुर में बारिश दर्ज की गई

वहीं बीकानेर संभाग में क्षेत्र में बारिश नहीं होने से लोग गर्मी से परेशान रहे। मौसम विभाग ने बुधवार को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं बारिश की संभावना व्यक्त की है साथ ही कुछ स्थानों पर तेज बारिश की चेतावनी भी दी है।

बारिश की बात करें तो जयपुर में शाम करीब पांच बजे कहीं तेज बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे पहले सुबह से सूरज व बादलों में लुकाछिपी चलती रही।  वहीं प्रतापगढ, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़ और बूंदी सहित अन्य जिलों में भी हल्की बारिश हुई।

मानसूनी बादलों की मेहर के चलते मंगलवार सुबह तक प्रदेश में सबसे ज्यादा बरसात बांसवाडा के केसरपुरा में 11सेमी, दानपुर और भूंगडा में 9 और बांसवाडा व कुशलगढ में 8 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही प्रतापगढ के अरनोद व धरियावद में भी 10 सेमी, डूंगरपुर के गलियाकोट में 8 सेमी बारिश दर्ज की गई।