राजस्थान में कोचिंग संस्थानों पर लगाम की कवायद, 1 करोड़ जुर्माना व रजिस्ट्रेशन तक रद्द

Education Department - Students will be able to complain without any hesitation in schools in Rajasthan, the director said, the head of the institution will be responsible

जयपुर/ राजस्थान मे अशोक गहलोत नीत सरकार प्रदेश मे संचालित कोचिंग संस्थानो की आजादी व तानाशाही पर अब लगाम कसने की कवायद कर दी है और सरकार अगले सत्र मे प्राइवेट एजुकेशन इंस्टीट्यूट रेगुलेटरी अथाॅरिटी बिल लाने वाली है ।

इस बिल के पारित होने के साथ ही प्रदेश मे प्राइवेट कोचिंग संस्थानो पर लगाम लग जाएगी और इसका उल्लंघन करने पर 1 करोड रुपए तक का जुर्माना तथा रजिस्ट्रेशन रद्द तक का प्रावधान है ।

प्रदेश में संचालित करीब 15 हजार से अधिक कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे करीब 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों के हितो को ध्यान मे रखते हुए सरकार ने घोषणा के तहत राजस्थान प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट रेगुलेटरी अथाॅरिटी बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है

जो संभवत: अगले सत्र में सदन में रखा जाएगा। यह एक्ट लागू होने के बाद काेचिंग संस्थानाें के रजिस्ट्रेशन से लेकर पेनल्टी, फीस नियंत्रण से लेकर कोर्स एग्रीमेंट तक की सख्तियां लागू हो जाएंगी।

उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव के अनुसार विद्यार्थियों के हित में विभाग एक्ट लाने पर तेजी से काम कर रहा है और अंतिम ड्राफ्ट विधि विभाग को भेजा गया है।

एक्ट मे क्या है प्रमुख अंश

1- काेचिंग संस्थानाें के लिए रजिस्ट्रेशन अथाॅरिटी बनेगी। ऑनलाइन काेचिंग कराने वाले संस्थान भी इसके दायरे में आऐंगे।
2- अथाॅरिटी में सरकार चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन व सदस्य नियुक्त करेगी।
3-शिकायत मिलने पर अथाॅरिटी संबंधित संस्थान का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकेगी।
4- छात्राें, परिजनाें, कर्मचारियाें की शिकायताें के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बनेगी।
5- काेचिंग में छात्राें से धाेखाधड़ी राेकने के लिए फीस नियंत्रण नियम बनेंगे, फीस सार्वजनिक करनी हाेगी।
6- काेचिंग सेंटराें के फर्जी विज्ञापनाें, दावाें, टाॅपर्स के महिमामंडन पर लगाम लगेगी। ऐसे मामलों में छात्र काे पूरी फीस दिलाने के साथ संस्थान पर पेनल्टी का प्रावधान।
7- काेचिंग संस्थान व विद्यार्थी के बीच लिखित समझाैता हाेगा, पूरे काेर्स व फीस की जानकारी हाेगी।
8- अथाॅरिटी काेचिंग संस्थानाें का औचक निरीक्षण व जांच कर सकेगी। गड़बड़ी मिलने पर एक कराेड़ रुपए तक की पेनल्टी लगाने का प्रावधान।
9- कोचिंग/ट्यूशन सेंटरों काे हर वित्तीय वर्ष के अंत में ऑडिट कराना हाेगा।
10- मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य पर अनुचित दबाव से बचने के लिए छात्रों की नियमित क्लासेज के बीच छुट्टियाें का प्रावधान हाेगा।
11- फीस जमा कराने के विकल्प मिलेंगे। करियर काउंसलिंग सेल बनेगी।

सरकार ने अभी यह गाइडलाइन जारी की

कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने फिलहाल गाइडलाइन जारी कर दी है। हालांकि, इससे राहत मिलने के आसार कम हैं। इसमें सिर्फ विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने, साफ-सफाई रखने जैसे निर्देश हैं। गाइडलाइन बाध्यकारी नहीं हाेने के कारण प्रभावी भी नहीं है। ऐसे में कोचिंग छात्र- छात्राओं को विभिन्न मसलों पर राहत तभी मिलेगी।

अभी जारी की गई गाइडलाइन के तहत छात्राें में मानसिक तनाव, अवसाद के निराकरण के लिए मनाेचिकित्सकीय सेवा। छात्रावासाें की सुरक्षा।

मानसिक स्वास्थ्य काे सुदृढ़ करने की व्यवस्था सुविधा केंद्र । छात्राें व परिजनाें के लिए आमुखीकरण कार्यक्रम। शिकायत पाेर्टल।काेचिंग सेंटराें के कार्मिकाें का पुलिस वेरिफिकेशन। साफ-सफाई का बेहतर प्रबंधन है ।