शिक्षा विभाग- कांग्रेस और गहलोत पर भारी पड सकती है तबादलों पर रोक, स्कूलों में प्रिंसिपल, व्याख्याता व शिक्षकों के पद खाली, जनाक्रोश

Dr. CHETAN THATHERA
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जयपुर/ राजस्थान में विधानसभा चुनाव को मात्र ढाई महीने से भी कम रह गया है । दूसरी और प्रदेश में सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन शिक्षा विभाग का और स्कूलों का हाल बेहाल है हालांकि है कि स्कूलों में प्रिंसिपल व्याख्याता और शिक्षकों के पद खाली हैं।

इससे स्कूलों में तालाबंदी का दौर तथा आमजन मैं आक्रोश शुरू हो चुका है और इसका खामियाजा कांग्रेस को चुनाव में उठाना पड़ सकता है अगर अभी सरकार ने तबादलों से रोक नहीं हटाई तो यह हालात हो सकते हैं और इसके संकेत स्वयं कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान व्यक्त भी किए थे।

लेकिन सरकार अभी तक तबादलों से रोक नहीं हटाने से यह आक्रोश चुनाव में ज्वालामुखी होकर फट सकता है जो कांग्रेस सरकार की वापस सत्ता में वापसी के लिए औरतों का काम करने में अपनी बड़े भूमिका निभा सकता है ।

विधानसभा होने वाले हैं और यहां पर शिक्षा विभाग में शिक्षकों को लंबे समय से तबादलों का इंतजार है यही नहीं नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाने के बाद भी प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में प्रिंसिपल व्याख्याता सहित शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और इस कारण से प्रदेश में सरकारी स्कूलों में तालाबंदी का दौर शुरू हो गया है तथा स्कूलों में शिक्षा व्याख्याता और प्रिंसिपल की कमी को लेकर जन आक्रोश भी पनप रहा है ।

शिक्षकों और प्रिंसिपल के खाली पदों के कारण अध्यापन कार्य भी प्रभावित होने लगा है दूसरी ओर सरकार ने प्रदेश में गरीब तबके के परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का शुभारंभ किया और इस पर सरकार विभाग का ज्यादा फोकस है लेकिन आश्चर्य की बात है कि इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में बी प्रिंसिपल शिक्षक और व्याख्याताओं के पद खाली हैं ऐसे में बेहतर शिक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती ?

इधर दूसरी और इन सरकारी स्कूलों में खाली पदों को लेकर तालाबंदी और जनाक्रोश और आमजन के नाराजगी सरकार के लिए और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए आने वाले वाले विधानसभा चुनाव में कहीं मुसीबत ना बन जाए ? सरकार के मंत्री और विधायक भी अंदर ही अंदर परेशान है कि कब तबादलों से मुख्यमंत्री गहलोत रोक हटाए ।

क्योंकि मंत्री और विधायक भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की डिमांड को लेकर परेशान है पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर तबादले नहीं कर पाए हम तो चुनाव में वोट लेने किस मुंह से जाएंगे

प्रदेश में भी विधायक और मंत्री तबादलों पर से रोक हटाने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कर रहे हैं । अब मुख्यमंत्री गहलोत कब चुनावी साल को देखते हुए तबादलों से रोक हटाऐंगे ?

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत विधानसभा के मानसून सत्र के बाद तबादलों से रोक हटा सकते हैं और अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में तबादलों का दौर शुरू हो सकता है ?

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम