डूडी बने नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष, नांदू ने समर्थन देकर

liyaquat Ali
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नागौरराजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में एक बड़े उलटफेर के तहत नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज जाट नेता रामेश्वर डूडी निर्वाचित हुए है। बड़ी बात यह है कि डूडी को नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव और आरसीए के पूर्व सचिव आर.एस.नांदू और उनके गुट ने  समर्थन दिया है जो भाजपा समर्थिक माने जाते है।लिहाजा इस कदम को नए सियासी समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि नांदू आरसीए के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी गुट के है और वर्तमान अध्यक्ष और विधानसभा स्पीकर डॉ.सीपी जोशी के विरोधी माने जाते है। जोशी ने ही करीब दो साल पहले नांदू को आरसीए के सचिव पद से निलंबित कर दिया था और नांदू ने भी जोशी की कार्यकारिणी पर भ्रष्टïाचाार के आरोप लगाए थे। तब से ही नांदू और जोशी गुटों के बीच लगातार विवाद चल रहा है।ऐसे में कांग्रेस नेता डूडी को नांदू की ओर से समर्थन देने का कदम कम आश्चर्यजनक नहीं है। यह भी माना जा रहा है कि इन दिनों कांगे्रस से अलग-थलग चल रहे डूडी ने मोदी गुट का दामन थामकर अपनी ही पार्टी के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है। डूडी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में नेता प्रतिपक्ष थे और उससे पहले बीकानेर से सांसद भी रह चुके हैं। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला से उनका मनमुटाव जगजाहिर है और गत विधानसभा चुनावों में बीकानेर जिले में टिकट वितरण को लेकर कल्ला से विवाद  गहरा गया था। हालांकि डूडी खुद नोखा सीट से बिहारी लाल विश्नोई से चुनाव हार गए,जिसके बाद माना जा रहा था कि उनका कद लगातार घटने लगा है। सूत्रों के अनुसार यही कारण है कि  बीकानेर छोड़कर डूडी ने विरोधी गुट के मार्फत नागौर से क्रिकेट की सियासी पारी शुरू की है। एक पक्ष यह भी है यदि जोशी लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के चलते आरसीए अध्यक्ष का पद छोड़ते है तो डूडी उनकी जगह ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में उनको दोनों गुटों का समर्थन मिल सकता है। गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के तहत कोई भी राजनेता आरसीए का पदाधिकारी नहीं हो सकता।जोशी इस समय विधानसभा अध्यक्ष है लेकिन यह पद राजनेता के तौर पर है या नहीं इसको लेकर संशय कायम है और इसी वजह से अभी तक सीपी आरसीए के अध्यक्ष पद पर काबिज है। डूडी के अध्यक्ष बनते ही माना जा रहा है कि आरसीए से पूर्व अध्यक्ष मोदी का हस्तक्षेप बिलकुल खत्म हो गया है। मोदी इससे पहले तीन बार नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। मोदी के बाद शिवशंकर को नागौर जिला क्रिकेट संघ का बनाया गया था,लेकिन उन्होंने कुछ समय पूर्व पद छोड़ दिया था।उस समय यह माना जा रहा था कि मोदी किसी भी तरह से फिर इस पर पद आने की कोशिश में है लेकिन डूडी के निर्वाचन से इस अटकलों पर विराम लग गया है। अब आरसीए का निलंबन भी बीसीसीआई खत्म कर सकता है।

नागौर

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में एक बड़े उलटफेर के तहत नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज जाट नेता रामेश्वर डूडी निर्वाचित हुए है। बड़ी बात यह है कि डूडी को नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव और आरसीए के पूर्व सचिव आर.एस.नांदू और उनके गुट ने  समर्थन दिया है जो भाजपा समर्थिक माने जाते है।

लिहाजा इस कदम को नए सियासी समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि नांदू आरसीए के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी गुट के है और वर्तमान अध्यक्ष और विधानसभा स्पीकर डॉ.सीपी जोशी के विरोधी माने जाते है। जोशी ने ही करीब दो साल पहले नांदू को आरसीए के सचिव पद से निलंबित कर दिया था और नांदू ने भी जोशी की कार्यकारिणी पर भ्रष्टïाचाार के आरोप लगाए थे। तब से ही नांदू और जोशी गुटों के बीच लगातार विवाद चल रहा है।

ऐसे में कांग्रेस नेता डूडी को नांदू की ओर से समर्थन देने का कदम कम आश्चर्यजनक नहीं है। यह भी माना जा रहा है कि इन दिनों कांगे्रस से अलग-थलग चल रहे डूडी ने मोदी गुट का दामन थामकर अपनी ही पार्टी के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है।

डूडी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में नेता प्रतिपक्ष थे और उससे पहले बीकानेर से सांसद भी रह चुके हैं। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला से उनका मनमुटाव जगजाहिर है और गत विधानसभा चुनावों में बीकानेर जिले में टिकट वितरण को लेकर कल्ला से विवाद  गहरा गया था। हालांकि डूडी खुद नोखा सीट से बिहारी लाल विश्नोई से चुनाव हार गए,जिसके बाद माना जा रहा था कि उनका कद लगातार घटने लगा है। सूत्रों के अनुसार यही कारण है कि  बीकानेर छोड़कर डूडी ने विरोधी गुट के मार्फत नागौर से क्रिकेट की सियासी पारी शुरू की है।

एक पक्ष यह भी है यदि जोशी लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के चलते आरसीए अध्यक्ष का पद छोड़ते है तो डूडी उनकी जगह ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में उनको दोनों गुटों का समर्थन मिल सकता है। गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के तहत कोई भी राजनेता आरसीए का पदाधिकारी नहीं हो सकता।

जोशी इस समय विधानसभा अध्यक्ष है लेकिन यह पद राजनेता के तौर पर है या नहीं इसको लेकर संशय कायम है और इसी वजह से अभी तक सीपी आरसीए के अध्यक्ष पद पर काबिज है।
डूडी के अध्यक्ष बनते ही माना जा रहा है कि आरसीए से पूर्व अध्यक्ष मोदी का हस्तक्षेप बिलकुल खत्म हो गया है। मोदी इससे पहले तीन बार नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। मोदी के बाद शिवशंकर को नागौर जिला क्रिकेट संघ का बनाया गया था,लेकिन उन्होंने कुछ समय पूर्व पद छोड़ दिया था।

उस समय यह माना जा रहा था कि मोदी किसी भी तरह से फिर इस पर पद आने की कोशिश में है लेकिन डूडी के निर्वाचन से इस अटकलों पर विराम लग गया है। अब आरसीए का निलंबन भी बीसीसीआई खत्म कर सकता है।

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