दलितों को गहलोत सरकार में मिला सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व: जूली

Dalits got maximum representation in Gehlot government Julie

जयपुर। कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि दलित समाज की अनदेखी की बात करना बेमानी है क्योंकि राजस्थान के इतिहास में दलित समाज से सबसे ज्यादा 4 कैबिनेट मंत्री गहलोत सरकार में ही बने हैं। राजस्थान में पहला दलित समाज से मुख्य सचिव भी गहलोत सरकार में बने हैं। मंत्री टीकाराम जूली ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जितने काम दलित समाज के इस सरकार में हो रहे उसनसे पहले कभी नहीं हुए।

गहलोत सरकार में 500 करोड रुपए अकेले दलित समाज के उत्थान के लिए रखे गए हैं जो दलित समाज के उत्थान पर ही खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राजस्थान में कई सरकारें थी उसमें कितने मंत्री दलित समाज से बने थे इसको भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार दलित समाज के लिए काम कर रहे हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चल रहे नामों के सवाल पर मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि राहुल गांधी तो कांग्रेस का अध्यक्ष बनना चाहिए। यह भावना देश के हर कांग्रेस कार्यकर्ता की है और इसका फैसला भी जल्द ही हो जाएगा। 1 महीने के अंदर- अंदर पार्टी को नए अध्यक्ष मिल जाएगा अब अध्यक्ष कौन होगा इसका फैसला पार्टी आलाकमान को ही करना है।

उन्होंने खिलाड़ी बैरवा के उस बयान को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन्हें पार्टी से बहुत कुछ मिला है उन्हें लौटाने का वक्त है। टीकाराम जूली ने कहा कि लौटाने का मतलब यह नहीं है कि इस्तीफा देकर घर बैठ जाएं बल्कि इसका मतलब यह है कि पार्टी को किस प्रकार से मजबूत किया जाए और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। रात दिन वो पार्टी और सरकार के लिए काम करते हैं पहली बार देश में ग्रामीण ओलंपिक के जरिए गांव -गांव ढाणी ढाणी में खेलों का आयोजन हो रहा है, जसमे 30 लाख लोग उसमें भाग ले रहे हैं।