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कांग्रेस की पीसीसी सदस्यों की सूची विवादों में घिरी: चयन में गहलोत कैम्प की चली मनमर्जी

जयपुर। कांग्रेस की सियासत में गहलोत कैंप और पायलट कैंप के बीच पिछले 3 साल से चल रहा बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज होने वाला है। दरअसल इस बार इसकी वजह बनी है कांग्रेस के पीसीसी मेंबर्स की सूची, जिसमें अधिकांश पीसीसी मेंबर्स  गहलोत कैंप से बनाए गए हैं और पायलट कैंप के गिनती के समर्थक ही पीसीसी मेंबर बन पाए हैं, जिससे पायलट कैंप के समर्थकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के 400 चयनित पीसीसी मेंबर्स में गहलोत कैंप को जमकरतवज्जो मिली है, ऐसे में अब एआईसीसी मेंबर के गठन में भी गहलोत कैंप को ही तवज्जो मिलेगी क्योंकि 10 पीसीसी मेंबर पर एक एआईसीसी मेंबर बनाया जाता है, इस लिहाज से गहलोत कैंप के एआईसीसी मेंबर से ज्यादा बनेंगे।

सूत्रों की माने तो पायलट कैंप के समर्थकों को पीसीसी मेंबर में एडजस्ट नहीं किए जाने से नाराज पायलट समर्थक जल्द ही इस मामले को लेकर पार्टी आलाकमान और शीर्ष नेताओं के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं, अंदर खाने बढ़ रही नाराजगी कभी भी एक एक बड़ा रूप ले सकती है।

सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि प्रदेश में संगठन चुनाव कराए जाने के लिए प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी बनाए गए महाराष्ट्र के पूर्व सांसद संजय निरूपम को भी गहलोत-पायलट कैंप के बीच चल रही गुटबाजी का खमियाजा भुगतना पड़ा। सचिन पायलट कैंप को बराबर तवज्जो दिए जाने को लेकर अड़े संजय निरुपम की भी संगठन चुनाव प्रभारी पद से छुट्टी कर दी गई और उनके अधीन काम करने वाले राजेंद्र चंपावत को चुनाव प्रभारी बना दिया गया है।

पीसीसी में आज 400 मेंबर्स की बैठक

इधर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश के चयनित पीसीसी मेंबर्स की बैठक बुलाई है। दोपहर 2 बजे होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नए संगठन चुनाव प्रभारी राजेंद्र चंपावत भी शामिल होंगे, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के नाम का प्रस्ताव और एआईसीसी मेंबर के नामों का प्रस्ताव पीसीसी मेंबर्स की ओर से लाया जाएगा और उसके बाद इस सूची को कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। बताया जा रहा है कि आज होने वाले इस बैठक में सचिन पायलट कैंप की ओर से भी पीसीसी मेंबर में गहलोत केंद्र को तवज्जो दिए जाने का मामला उठ सकता है।

गौरतलब है संगठन चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने प्रदेश के 400 पीसीसी मेंबर की सूची पीसीसी मुख्यालय को भेज दी है लेकिन  पीसीसी मुख्यालय ने इस बार सूची को सार्वजनिक नहीं किया है और जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को पीसीसी मेंबर्स बनाया गया है उन्हें फोन करके सूचना दी गई है।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/