वीडियो गेम पब्जी व फ्री फायर की लत से कक्षा 7 के छात्र का मानसिक संतुलन हुआ खराब,परिजन रहे सावधान

Dr. CHETAN THATHERA
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जयपुर/ एंड्राइड मोबाइल ऑफर चल रहा है ऑनलाइन गेम फ्री फायर पब्जी की लत ने कक्षा छात्र में पढ़ने वाले एक बच्चे का मानसिक संतुलन इतना खराब कर दिया कि अब परिजन उसके उपचार के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उसे मजबूर होकर दिव्यांग हॉस्टल में दाखिला करा कर उसका मनोचिकित्सक से उपचार कराया जा रहा है राजस्थान में यह चौथी घटना है इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है परिजन सावधान और सचेत रहें।

घटना अलवर शहर के मूंगस्का गांव की है जहां एक दंपत्ति अपने दो बच्चों और माता के साथ निवास करता है पति ई रिक्शा चला कर घर का गुजारा कर रहे हैं तथा पत्नी घर घर जाकर बर्तन मांजने और झाड़ू पोछा करके घर का खर्च चला रही है । इस परिवार में करीब 7 माह पहले एक एंड्रॉयड फोन आया यह एंड्रॉयड फोन उस महिला को जहां में झाड़ू पोछा बर्तन का काम करती है।

उस मालिक ने इस साल के प्रारंभ में एंड्राइड मोबाइल फोन उपवास रूप दिया था फोन घर पर आने के बाद घरवालों को लगा कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई अब इस फोन के मिल जाने से आसान होगी और परिवार के दूसरे जो लोग बाहर रहते हैं।

उनसे भी वीडियो कॉल से आराम से बात हो जाएगी लेकिन किसी को इस बात का आभास ही नहीं था कि यह एंड्रॉयड मोबाइल फोन इनके घर के चिराग को पागल बना देगा और उनके परिवार के लिए मुसीबत का पहाड़ खड़ा कर देगा और घर की बर्बादी ला देगा।

एंड्राइड मोबाइल फोन घर का छोटा बेटा जो 14 साल का होकर कक्षा 7 में पढ़ता था वह इस मोबाइल को लेकर ऑनलाइन गेम पब्जी और फ्री फायर खेलने लग गया इस बच्चे को ऑनलाइन गेम पब्जी और फ्री फायर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

स्कूल और मोहल्ले के दोस्तों से इस गेम के बारे में पता चला पता चलने पर अपनी मम्मी का एंड्राइड मोबाइल लेकर गेम खेलने लगा और वह रोजाना 7 से 8 घंटे और फिर 15-15 घंटे गेम खेलने लगा 1 महीने तक लगातार गेम खेलने तो उसकी खतरनाक आदत लत लग गई है खाना-पीना तक छोड़ देता था ।

यहां तक की देर रात को भी है चद्दर और रजाई में छुपकर यह ऑनलाइन गेम खेलता था जब घर वाले से डांटते तो आप कोशिश हो जाता और दो बार तो वह घर छोड़कर रेवाड़ी भाग गया था ।

इस पर परिजन उसे वापस बनाकर लाए लगातार ऑनलाइन गेम पब्जी और फ्री फायर खेलने की लत लगने के कारण उसका मानसिक संतुलन पूरी तरह से खराब हो गया डरने लगा उसके हाथ पैर कांपने लगे उसको बोलने तक में परेशानी होने लगी ।

इस पर परिजन उसे लेकर उपचार के लिए कई चिकित्सकों के पास गए लेकिन कोई फायदा नहीं मिला हार कर उन्होंने शहर के ही परमार्थ दिव्यांग संस्थान आवास गृह में उसे छोड़ा जहां पर साईकास्ट्रिक अर्थात मनोचिकित्सक द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है।

बताया जाता है कि उसकी नसों में खिंचाव आ गया है बच्चे की हालत बिल्कुल पागल जैसी स्थिति हो गई है और परिजनों का अपने बच्चे की यह स्थिति देखकर हालत बहुत खराब है उसका इलाज चल रहा है मनोज चिकित्सकों के अनुसार वे स्वस्थ हो जाएगा लेकिन स्वस्थ होने में समय लगेगा ।

राजस्थान में ऑनलाइन गेम से इस तरह की घटना यह पहली नहीं है इससे पहले भी चूरू में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है तो वही शिक्षा नगरी कोटा में कक्षा 9 में पढ़ने वाले 14 साल के एक किशोर में इस ऑनलाइन गेम के कारण 2020 में आत्महत्या कर ली थी उसे पब्जी गेम की जबरदस्त लत लगी थी मैं भी देर रात 3-3 बजे तक पब्जी गेम खेलता था ।

अपील

दैनिक रिपोर्टर्स डॉट कॉम सभी परिजनों और अभिभावकों से अपील करता है कि वह अपने बच्चों को एंड्राइड मोबाइल फोन नहीं दें और यदि बहुत अधिक जरूरत एंड्राइड मोबाइल फोन देने की है कि ऑनलाइन क्लास है तो एंड्राइड मोबाइल फोन दें केवल उतने समय के लिए ही जब तक ऑनलाइन क्लास है और उस पर नजर रखें क्या सावधानी बरतें

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम