सुरखाब
बूंदी

सर्दी बढऩे के साथ प्रवासी पक्षियों से आबाद हुए जलाशय

Bundi News।राजस्थान में सर्दी बढऩे के साथ ही जिले के जलाशयों पर देशी-विदेशी पक्षियों की तादात बढऩे लगी हैं। साथ ही इन परिंदो के कलरव से जलाशयों पर रौनक लौट आई है। मध्य यूरोप व हिमालियन क्षेत्र से विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा कर बूंदी पहुंच चुके हैं। यहां जलाशयों पर बड़े आकार के पेलिकन सहित अन्य प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगा हुआ है। जिले के प्रमुख जलाशय तालेड़ा क्षेत्र के बरधा बांध, बूंदी शहर की जैतसगर झील, गुढ़ानाथावतान के भीमलत-अभयपुरा बांध, हिंडौली के रामसागर, गुढ़ा बांध, दुगारी के कनक सागर सहित मेज, कुरेल व चम्बल नदियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों की जलक्रीड़ा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

इंडियन स्किम्मर का है अभी इंतजार: 

जिले के गुढ़ा बांध व कनक सागर दुगारी में हर साल दुर्लभ इंडियन स्किम्मर पक्षी आते हैं लेकिन इस बार अभी तक जिले में इन पक्षियों की साइटिंग नहीं हुई है। इस साल कमजोर मानसून के कारण प्रमुख वेटलैंड रामनगर तालाब सूखा रह जाने से कुरजां पक्षी भी नहीं आए। वर्तमान में जिले के जलाशयों पर पेलिकन, बार हेडेड गूज, ग्रे लेग गूज, सुरखाब, कोमन पोचार्ड, लाल सिर वाला पोचार्ड, यूरोपियन पिनटेल, नोर्थन शोवलर आदि प्रवासी परिंदे बड़ी संख्या में पहुंचे हैं।

बर्ड वाचिंग के क्षेत्र में टूरिज्म की प्रबल संभावना: 

पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक पृथ्वी सिंह राजावत ने कहा कि सर्दी के मौसम में जिले के जलाशयों पर आने वाले प्रवासी पक्षी यहां के पर्यटन व्यवसाय को विकसित करने में काफी मददगार है। इस बार भी कई प्रजातियों के पक्षी जलाशयों पर आए हैं जिन्हें देखने पक्षी प्रेमी पहुंच रहे हैं। जिले में बर्ड वाचिंग के क्षेत्र में टूरिज्म की विपुल संभावनाएं हैं। बरधा व अभयपुरा बांधों को मत्स्य पालन से मुक्त कर पक्षी संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है जिस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम