बीकानेर के रसगुल्ला व भुजिया उद्योग की लाइंसेस प्रक्रिया को लेकर सांसदो को पत्र, प्रतिनिधिमंडल जाएगा दिल्ली

Bikaner News । राजस्थान में बीकानेर का सूक्ष्म व लघु उद्योग रसगुल्ला, भुजिया, पापड़, बड़ी के खाद्य सुरक्षा अनुज्ञा पत्र (फूड लाईसेंस) 1 एक नवंबर से 2020 से दिल्ली से जारी करने प्रक्रिया को रूकवाने बाबत मंगलवार को संयुक्त पत्र पूरे राजस्थान राज्य के 25 सांसदों को भिजवाए गए हैं और निवेदन किया गया कि …

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October 27, 2020 4:11 pm

Bikaner News । राजस्थान में बीकानेर का सूक्ष्म व लघु उद्योग रसगुल्ला, भुजिया, पापड़, बड़ी के खाद्य सुरक्षा अनुज्ञा पत्र (फूड लाईसेंस) 1 एक नवंबर से 2020 से दिल्ली से जारी करने प्रक्रिया को रूकवाने बाबत मंगलवार को संयुक्त पत्र पूरे राजस्थान राज्य के 25 सांसदों को भिजवाए गए हैं और निवेदन किया गया कि सभी सांसद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली से इस अधिनियम को लागू ना होने के लिए अनुशंसा पत्र भिजवाए।

जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी.पी.पचीसिया ने बताया कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल अध्यक्ष जुगल राठी, सचिव वीरेंद्र किराडू, बीकानेर पापड़ भुजिया मेन्यूफेक्चर एसोशियेशन के चेयरमेन शांतिलाल भंसाली, सदस्य रोहित कच्छावा, गंगाशहर भीनासर पापड़ भुजिया व्यापार मंडल अध्यक्ष पानमल डागा व सदस्य जय कुमार भंसाली ने संयुक्त रुप से प्रदेश के 25 सांसदों को चिट्ठी लिखी है। पचीसिया ने बताया कि क्योंकि यह मुद्दा पूरे राजस्थान से जुड़ा हुआ है और इस अधिनियम के लागू होने से पूरे राजस्थान में लगभग 50 लाख व्यक्ति बेरोजगार हो जायेंगे। फूड सेफ्टी एंड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पूरे राजस्थान के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों जैसे पापड़, भुजिया, नमकीन, बड़ी, रसगुल्ले, कचौरी जैसे छोटे व्यापारियों के व्यापार को 1 नवंबर 2020 से प्रोपराईटरी एक्ट में शामिल किया जा रहा है और अब इन सब सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को लाइसेंस दिल्ली से जारी किये जायेंगे।

जिसके लिए उन्हें कई गुना फीस चुकानी पड़ेगी। उधर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल का एक प्रतिनिधिमण्डल शीघ्र ही सूक्ष्म व लघु उद्योगों में शामिल रसगुल्ला, भुजिया, पापड़ व बड़ी उद्योग के खाद्य सुरक्षा अनुज्ञा पत्र (फूड लाईसेंस) के 1 नवम्बर से दिल्ली से जारी होने वाली प्रक्रिया को रुकवाने की मांग को लेकर दिल्ली जाएगा। मंडल के उपाध्यक्ष अनिल सोनी झूमरसा ने बताया कि इस सम्बन्ध में मंडल द्वारा चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के विरोध में दिल्ली में जल्द ही एक प्रतिनिधिमण्डल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी मिलेगा।

सोनी ने बताया कि यदि यह अधिनियम लागू हो जाता है तो सूक्ष्म और लघु उद्योग जो घर से संचालित हो रहे हैं जैसे पापड़, भुजिया, बड़ी, केक, नमकीन मिठाई आदि उद्योगों को लाइसेंस मिलना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि यह उद्योग जिस केटेगरी में आते थे उस केटेगरी को 1 नवंबर 2020 से लागू होने वाली नई प्रक्रिया में हटा दिया गया है और इसकी वजह से सभी फूड आधारित उद्योगों के लाइसेंस दिल्ली में बनेंगे और उसके लिए कई गुना फीस चुकानी पड़ेगी। इस चर्चा मेें मंडल अध्यक्ष रघुराज सिंह राठौड़, सदस्य मक्खनलाल अग्रवाल, प्रवक्ता सोनूराज आसूदानी ने भी विचार रखे।

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