मकर संक्राति कब और क्या है पुण्य का मुहूर्त

When and what is the auspicious time of Makar Sankranti

भीलवाड़ा/ दान पुण्य का पर्व मकर सक्रांति हर वर्ष जनवरी माह में बनाया जाता है और इस बार मकर सक्रांति पर्व को लेकर संशय की स्थिति है की मकर सक्रांति 14 जनवरी को होगी या फिर 15 जनवरी को आइए जानते हैं कारोई स्थित वेदगायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिष पंडित गोपाल उपाध्याय की जुबानी ।

इस साल सूर्यदेव रात के समय मकर राशि मे गोचर करेंगे इस कारण यह संशय की स्थिति हो गई है की मकर संक्राति पर्व 14 या 15 जनवरी को मनाया जाएगा । ज्योतिष डॉक्टर पंडित गोपाल उपाध्याय के अनुसार सूर्य देव जब मकर राशि में गोचर करते हैं, उस समय मकर संक्रांति होती है ।

इस साल 14 जनवरी को रात 08 बजकर 14 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में गोचर कर रहे हैं ऐसे में मकर संक्रांति का क्षण 14 जनवरी को पड़ रहा है। सूर्य के मकर में प्रवेश के समय के कारण मकर संक्रांति की तारीख को लेकर संशय पैदा हुआ है।

ज्योतिष डॉक्टर पंडित गोपाल उपाध्याय कू अनुसार पंचांग के अनुसार, सूर्य की मकर संक्रांति का क्षण 14 जनवरी शनिवार की रात 08:14 बजे है, लेकिन रात्रि के प्रहर में स्नान और दान नहीं होता है । इसके लिए उदयातिथि की मान्यता है यानि जब सूर्य का उदय होगा, उस समय मकर संक्रांति का स्नान और दान होगा। ऐसे में इस वर्ष 15 जनवरी 2023 दिन रविवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी।

15 जनवरी को सुबह 07:15 बजे से लेकर शाम 05:46 बजे तक मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा और इसका महा पुण्यकाल सुबह 07:15 बजे से सुबह 09:00 बजे तक है।

इस साल मकर संक्रांति रविवार के दिन है। रविवार को सूर्य देव की पूजा करते हैं और मकर संक्रांति के दिन भी सूर्य पूजा करते हैं ऐसे में इस बार सूर्य पूजा के लिए मकर संक्रांति के साथ दिन भी शुभ है । इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से उसका अधिक फल प्राप्त होगा।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। इस दिन से खरमास का समापन होगा और विवाह, गृह प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं । सूर्य जब उत्तरायण होते हैं तो धीरे धीरे दिन की अवधि बढ़ती है तो सर्दी कम होने लगती है और तापमान बढ़ने लगता है।