ज्योतिष पण्डित गोपाल उपाध्याय
भीलवाड़ा

रक्षा बधंन पर शदियों बाद महासंयोग क्या, राखी बांधने का मुहूर्त पढ़े खबर 

Bhilwara News।भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन का त्यौहार इस बार कुछ खास होगा और करीब 474 साल बाद इस बार रक्षाबंधन पर महा सहयोग भी बन रहा है साथी इस बार राखी पर बदरा का साया भी नहीं होगा और बहने पूरे दिन अपने भाई को राखी बांध सकेगी तो आइए जानते हैं 474 साल बाद क्या है मां सहयोग तथा राखी बांधने का क्या है मुहूर्त डाॅ. ज्योतिष गोपाल उपाध्याय के अनुसार

ज्योतिषिय डाॅ. गोपाल पुत्र नानूराम उपाध्याय के अनुसार आमतौर पर रक्षा बंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है लेकिन इस बार ये त्योहार सावन पूर्णिमा पर धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा।ज्योतिषियों के अनुसार इस बार राखी पर भद्रा का साया भी नहीं रहेगा जिसके कारण बहनें पूरे दिन भाई को राखी बांध सकेंगी। इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री रहेगी और इसके साथ चंद्रमा भी वहां मौजूद रहेगा।

इस बार रक्षाबंधन पर सुबह 5.50 से लेकर शाम 6.03 तक शुभ मुहूर्त है यानी आप इस दौरान कभी भी राखी बांध या बंधवा सकते हैं। जबकि भद्रा काल 23 अगस्त को सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इस दिन शोभन योग सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक तक रहेगा और धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। ऐसा कहते हैं कि धनिष्ठा नक्षत्र में पैदा होने वाले लोगों का भाई-बहन से रिश्ता बहुत खास होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार रक्षा बंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे।सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। इस राशि में मित्र मंगल भी उनके साथ रहेगा। जबकि शुक्र कन्या राशि में होगा। ग्रहों का ऐसा योग बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है। ज्योतिषियों का कहना है कि रक्षा बंधन पर ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 474 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी।

ज्योतिषि डाॅ. गोपाल उपाध्याय का कहना है कि इस वर्ष शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में स्थित रहेंगे। रक्षा बंधन पर ऐसा संयोग भाई-बहन के लिए अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी रहेगा। खरीदारी के लिए राजयोग भी बेहद शुभ माना जाता है।

गुरु और चंद्रमा की इस युति से रक्षा बंधन पर गजकेसरी योग बन रहा है।जब चंद्रमा और गुरु केंद्र में एक दूसरे की तरफ दृष्टि कर बैठे हों तो यह योग बनता है।यह योग लोगों को भाग्यशाली बनाता है।इससे लोगों की धन संपत्ति, मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है।गज केसरी योग बनने से राजसी सुख और समाज में मान-सम्मान की भी प्राप्ति होती है।

राखी बांधने का मुहूर्त

रक्षाबंधन पर प्रात: 06 बजकर 15 मिनट से प्रात: 10 बजकर 34 मिनट तके तक शोभन योग रहेगा, धनिष्ठा नक्षत्र शाम को करीब 07 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. 22 अगस्त 2021 को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट दोपहर से शाम 04 बजकर 18 मिनट तक, राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा।

• रक्षाबंधन तिथि- रविवार 22 अगस्त 2021
• पूर्णिमा तिथि -21 अगस्त शाम 3.45 बजे से शुरू,शाम 5.58 बजे समापन
• शुभ मुहूर्त : सुबह 5.50 बजे से शाम 6.03 बजे तक
• राखी के लिए दोपहर का समय-1.44 बजे से 04.3 बजे तक
• अभिजीत मुहूर्त-दोपहर 12.04 बजे से 12.58 बजे तक

Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम