शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामला- गहलोत भी योगी की राह पर चलाया बुलडोजर

Teacher recruitment paper leak case- Gehlot also bulldozed on Yogi's path

जयपुर/ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अब उत्तर प्रदेश के तेजतर्रार माने जाने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की राह पर चल पड़े हैं ।

राजस्थान में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई 22 शिक्षक भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक कराने के मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सख्त कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की राह पर चलते हुए ।

पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड आरोपियों के जयपुर में गुर्जर की थड़ी पर स्थित अधिगम कोचिंग सेंटर पर आज सवेरे बुलडोज चलाना र शुरू कर दिया।

बताया जाता है कि इस कोचिंग सेंटर के संचालक और पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड आरोपी लोगों ने दो आवासीय भूखंड को मिलाकर निर्माण कराते हुए।

इसमें कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था अर्थात कॉमर्शियल गतिविधि संचालित हो रही थी जेडीए की अतिक्रमण टीम आज सवेरे जयपुर के जोन 5 एरिया में स्थित गुर्जर की थड़ी गोपालपुरा बाईपास के रोड पर पहुंच गई और अधिगम कोचिंग इंस्टिट्यूट की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाना शुरु कर दिया गया।

बताया जाता है कि सर्विस रोड पर भी अतिक्रमण करते हुए निर्माण कराया गया था और बिल्डिंग नियमों तथा बिल्डिंग bye-laws के तहत इस बिल्डिंग का निर्माण नहीं हुआ था ।

जेडीए द्वारा बिल्डिंग मालिक अनिल अग्रवाल और कोचिंग संचालक भूपेन्द्र सारण, सुरेश ढाका, धर्मेंद्र चौधरी सहित को नोटिस जारी करके 8 जनवरी तक जवाब पेश करने का समय दिया था। इसी के चलते आज हमने कार्रवाई शुरू की है।

बिल्डिंग में मिला वॉयलेशन

जेडीए की टेक्नीकल टीम ने जो जांच की उसमें मिला कि बिल्डिंग को दो आवासीय भूखंड संख्या 32 और 33 को अवैध रूप से जोड़कर करीब 500 वर्गगज क्षेत्रफल में बनाया गया।

इस निर्माण के दौरान एक भूखंड पर 8 फीट, जबकि दूसरे पर 10 फीट पर जीरो सेटबैक में कवर करके निर्माण किया गया। जो बिल्डिंग बायलोज के मुताबिक अवैध है।

इसके अलावा बिना अनुमति के बेसमेंट के साथ 5 मंजिला अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग का निर्माण कर लिया। इसके अलावा इस बिल्डिंग के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर कॉमर्शियल उपयोग, जबकि पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर अधिगम की कोचिंग चलती थी।

पांचवी मंजिल पर एक अवैध पेंट हाउस का निर्माण भी अलग से बना हुआ है। इसके अलावा कॉर्नर प्लॉट होने के कारण सड़क के किनारे जो जमीन सरेंडर करनी थी, उस जमीन पर भी कब्जा करके निर्माण किया गया है।

पहले भी जेडीए कर चुका है बड़ी कार्रवाई

पिछले साल रीट भर्ती पेपर लीक मामले में लिप्त रहे रामकृपाल मीणा की स्कूल की चार मंजिला बिल्डिंग को भी जेडीए ने तोड़ा था। उस समय जेडीए ने जयपुर के गोपालपुरा स्थित जगन्नाथपुरी कॉलोनी में बने एसएस कॉलेज और एसएस पब्लिक स्कूल की 4 मंजिला बिल्डिंग को धराशाई किया।

ये बिल्डिंग रामकृपाल की थी और सरकारी जमीन पर बनी थी। उस समय भी जेडीए ने पहले अपने स्तर पर जमीन और बिल्डिंग की जांच करवाई थी और उसके बाद नोटिस जारी करके बिल्डिंग को दो दिन के अंदर जमीदोज कर दिया था।

भूपेंद्र सारण साल 2011 में जीएनएम भर्ती पेपर आउट प्रकरण और वर्ष 2022 में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में भी शामिल था। जेल भी जा चुका हे। पुलिस जयपुर से भूपेंद्र सारण की गर्लफ्रेंड और पत्नी को गिरफ्तार कर चुकी है।

सुरेश ढाका सांचौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित अचलपुर गांव का रहने वाला है। इसके पिता मांगीलाल वर्तमान में सरपंच हैं। पहले जेल भी जा चुका है। पहली बार मनी लॉड्रिंग और दूसरी बार पेपर लीक में जेल गया था।

जयपुर में गुर्जर की थड़ी पर उमंग क्लासेज के नाम से कोचिंग चलाता है। चौंकाने वाली बात ये है कि सुरेश ढाका कई मंत्रियों के ट्‌विटर हैंडल और फेसबुक पेज हैंडल करता है।

इसके अलावा खुद के भी सभी सोशल मीडिया अकाउंट वेरिफाइड हैं। अभी फरार है। सुरेश ढाका ने ही अपने साले सुरेश बिश्नोई और भूपेंद्र को जयपुर से पेपर उपलब्ध करवाया था।