भीलवाड़ा

शिक्षा विभाग गबन मामला – एसएसए के तत्कालीन लेखाधिकारी व सेवानिवृत लेखाधिकारी जिम्मेदार,क्या सीडीईओ कराऐंगे एफआईआर ?

भीलवाडा/ जिले के कोटडी उपखंड मुख्यालय पर स्थित शिक्षा विभाग के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी( सीबीईओ)कार्यालय मे संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर गोपाल सुवालका द्वारा फर्जी शिक्षक बनाकर काल्पनिक वेतन बिलो से 2.15 करोड का गबन करने के मामले मे जांच टीम ने आज अपनी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ( सीडीईओ) को सौंप दी है ।

इस जांच मे टीम ने 11 साल मे जितने ब्लॉक के सीबीईओ रहे उनको और प्रिंसिपल को दोषी माना है उतना ही दोषी एसएसए (सम्रग शिक्षा अभियान) के तत्कालीन लेखाधिकारी व सेवानिवृत तथा संविदा पर रहे लेखाधिकारी को दोषी माना है ।

विदित है की इस गबन का मामला सामने आने पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ( सीडीईओ) ब्रह्माराम चौधरी ने इस गबन की पूरी तहीकात के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक योगेश पारीक के नेतृत्व मे एक टीम लगाई थी।

जिसमे दिनेश लोहिया लेखाधिकारी अभय संचेती लेखाधिकारी प्रथम प्रधानाचार्य राजेश शर्मा लांबियाकला राउमावि और कनिष्ठ सहायक विनोद टेलर को शामिल किया था। इस टीम ने गुरूवार को अपनी जांच पूरी कर ली जिसमे कुल 2.15 करोड पिछले 11 सालो के दौरान ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान हुआ मुख्य गबन कर्ता संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर गोपाल सुवालका था ।

टीम ने आज सीडीईओ को सौंपी जांच रिपोर्ट मे मुख्य आरोपी गोपाल सुवालका को बताया लेकिन साथ ही जांच पड़ताल मे पता चला की कोटडी ब्लाॅक के सारे वेतन बिल बनने के बाद चैंकिग के लिए एसएसए मे तत्कालीन लेखाधिकारी दिनेश भट्ट जो वर्तमान मे वन विभाग मे नियुक्त है के पास तथा सेवानिवृत्त लेखाधिकारी और सेवानिवृत्त के बाद संविदा पर पुनः नियुक्त हुए लेखाधिकारी गोपाल कृष्ण बियाणी के पास आते थे उन सभी बिलो पर इन दोनो के हस्ताक्षर व मोहर अंकित है ।

बयान मे भी इन दोनो ने बिल चैक करना व हस्ताक्षर उनके ही होना तथा मोहर लगाना स्वीकार किया है । टीम ने इन दैनो को भी दोषी माना है ।।

क्या सीडीईओ इन दोषियो के खिलाफ कराऐंगे एफआईआर

कानून के तहत जांच टीम की रिपोर्ट जिसमे 10 सीबीईओ , 3 प्रिंसिपल व एक बाबू लेखा लिपिक को तथा तत्कालीन एसएसएकू लेखाधिकारी दिनेश भट्ट व सेवानिवृत लेखाधिकारी जो सेवानिवृत्ति के बाद पुनः संविदा पर लगे कृष्ण गोपाल बियाणी को दोषी माना और इनको गबन मे सहयोगी अर्थात षड्यंत्र मे शामिल आईपीसी की धारा 120 बी का दोषी माना है । क्या सीडीईओ अब इन सभी के खिलाफ पुलिस थाने मे एफआईआर दर्ज कराऐंगे ? नियम और कानून समत तो इन सभी के खिलाफ धारा 120 बी के तहत सीडीईओ की और से एफआईआर दर्ज होनी चाहिए ।

गबन अवधि मे कौन -कौन थे सीबीईओ जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती

1– 18/11/12 तक रामलाल सांगावत(कार्यवाहक)
2— 19/11/12 से 20/6/13 तक लोकेश उपाध्याय
3– 21/6/13 से 30/10/14 तक रामलाल सांगावत
4– 31/10/14 से 7/11/15 तक महेश भारती
5– 8/11/15 से 3/11/16 तक सुरेश पारीक(कार्यवाहक)
6– 4/11/16 से 31/3/18 तक सुरेन्द्र पुरावत्त (कार्यवाहक)
7– 1/4/18 से 22/01/19 तक सुरेश पारीक(कार्यवाहक)
8– 23/01/19 से 12/3/19 तक राजेन्द्र मीणा
9– 13/3/19 से 23/9/20 तक वीरेन्द्र यादव
10– 24/9/20 से बलराम मीणा लगातार

इनसबके खिलाफ भी दर्ज हो सकती एफआईआर

लेखा लिपिक
1– 4/11/12 से लगातार जारी

समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के

1– तत्कालीन लेखाधिकारी दिनेश भट्ट ( वर्तमान मे वन विभाग मे पदस्थापन)
2– सेवानिवृत्त लेखाधिकारी और सेवानिवृत्ति के बाद संविदा पर लगे कृष्ण गोपाल बियाणी

वह स्कूल जिनमे गबन सामने आया और वहा कौन-कौन प्रिंसिपल थे

1– रीठ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय

झाला पारीक 2 माह
कीशोर जीनगर 11 माह से लगातार ( कार्यवाहक)
कुल 9 लाख का गबनज

गेगा का खेडा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
चन्द्रदेव सिंह लगातार
कुल 12 लाख का गबन

Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम