बेनतीजा रहा बनास बचाओ आंदोलन, पुर्व मंत्री ने जूते पहने अम्बेडकर को पहनाई माला

Save Banas movement remained inconclusive,

जहाजपुर (आज़ाद नेब) खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली कहावत आज बनास बचाओ आंदोलन में देखने को मिली। क्षेत्र में कुछ समय पूर्व रॉयल्टी कम करने को लेकर ट्रैक्टर मालिकों द्वारा उठाई गई आवाज आज राजनीति की भेंट चढ़ गई।

बनास बचाओ आंदोलन को लेकर आज चांवडिया चौराहे पर कुछ लोग जमा हुए वहां से आंदोलन की शुरुआत की गई। विधायक गोपीचंद मीणा, पुर्व राज्य मंत्री गोपाल केसावत, भाजपा एसटी मोर्चा जिलाध्यक्ष महेंद्र मीणा के नेतृत्व में पैदल बस स्टैंड की तरह गये वहां पर नेताओं द्वारा बाबा भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को माला पहनाई। अम्बेडकर जी की गरीमा का ध्यान न रखते हुए पुर्व राज्य मंत्री गोपाल केसावत ने जूते पहने ही माला पहनाई।

बनास बचाओ आंदोलन को लेकर सैकड़ों लोग बनास नदी में गए। वहां पर नेताओं द्वारा बनास नदी में चल रही एल एन टी मशीनों को बाहर निकालने, रॉयल्टी कम करने जैसे भाषण देकर पुलिस उपाधीक्षक हंसराज बैरवा एवं तहसीलदार इंद्रजीत सिंह से वार्ता कर बनास नदी में इधर उधर घूम कर बनास पुलिया पर आ गए।

आंदोलन कर्ताओं का नदी में जाना वहां पर प्रशासन के नुमाइंदों से वार्ता करना बेनतीजा रहा यानी बनास बचाओ आंदोलन टांय टांय फिस हुआ।

इस दौरान बनास नदी में बनेड़ा उपखण्ड अधिकारी गोविंद भिचर, पुलिस उपाधीक्षक हंसराज बैरवा, कोटड़ी पुलिस उपाधीक्षक पवन भदौरिया, तहसीलदार इंद्रजीत सिंह, थानाधिकारी दुलीचंद गुर्जर, शाहपुरा थानाधिकारी राजकुमार नायक एवं आठ थानों का जाब्ता अतिरिक्त पुलिस बल सहित प्रशासन का लवाजमा मौजूद रहा।