महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली ने लिया भाग, महिला अधिकारों की दी जानकारी

High Court Justice Farzand Ali participated in women empowerment program, gave information about women's rights

भीलवाड़ा/ जिले के मांडल कस्बे के मेजा रोड पर स्थित 32 खंभों की ऐतिहासिक छतरी पर आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली ने भाग लिया।

कार्यक्रम में सिद्धेश्वर महादेव सेवा समिति द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से महिलाओं के अधिकारों के कानूनों की जानकारियां दी व बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने का आव्हान किया। इस दौरान महाविद्यालय की छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

विशेष तौर पर महिलाओं की भूमिकाओं के बारे में बताया। इससे पूर्व जस्टिस फरजंद अली ने कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद 

सिद्धेश्वर महादेव सेवा समिति के प्रमुख घनश्याम जोशी, अधिवक्ता जितेंद्र सिंह गौड़ व समिति सदस्यों ने जस्टिस फरजंद अली व उनकी पत्नी ताहिरा सैयद, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जीसान अली का मेवाड़ी साफा, शॉल पहनाकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया।

कार्यक्रम के पश्चात जस्टिस अली ने ऐतिहासिक धरोहर 32 खंभों की छतरी का अवलोकन किया। इस दौरान इतिहासकार सुरेश शर्मा ने ऐतिहासिक छतरी के इतिहास की जानकारियां दी। छतरी की विशेषताओं को जस्टिस अली ने खूब सराहा और वहां के सौंदर्यकरण को और बढ़ाने संबधित चर्चाएं की।

इसके बाद मांडल में पारिवारिक मित्र आर्किटेक्ट साजिद काजी के निवास स्थान पर कुछ देर रुके, परिजनों ने मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान मांडल प्रधान शंकर लाल कुमावत, डॉ. भूपेंद्र चौधरी, राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर अध्यक्ष भुवनेश शर्मा, सरपंच संजय भंडिया, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि लादू लाल पहाड़ियां,

पार्षद सत्यनारायण कुमावत, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सत्यनारायण मंडोवरा, आर्किटेक्ट साजिद काजी, अधिवक्ता आरिफ काजी, प्रधानाधाचार्य विनीत कुमार शर्मा, बाल मुकुंद शर्मा, सुरेंद्र त्रिपाठी, ग्राम विकास अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर, भागचंद चौधरी, किरण शर्मा सहित कई महिलाए मौजूद थी।