युवाओं में बढ़ता ह्रदयघात रोग,आखिर क्यों,क्या कहते है विशेषज्ञ

Dr. CHETAN THATHERA
8 Min Read

भीलवाड़ा / कोरोना के बाद कम आयु के और युवा तथा बच्चों में हार्ट अटैक के मामलों ने आमजन को डरा दिया है और जीवन जीने के बारे में सोचने पर विवश कर दिया है। देश में हर साल 7 लाख मौत हार्ड अटैक से होती है और राजस्थान में 50000 मौते हर साल हार्ट अटैक से होती है ।

हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण

रुक-रुक कर चक्कर आना

तेजी से पसीना आना

पुरुषों के सीने में तेज दर्द

जबड़े में दर्द होना

महिलाओं की पीठ में अधिक दर्द होना सांस लेने में कठिन महसूस करना बहुत अधिक थकान महसूस करना

कमर व गर्दन में दर्द होना

पैर, टखने और तलवों में सूजन

क्यों हो रहा है ऐसा

शुगर ब्लड प्रेशर कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कोई नहीं करवाता विशेष कर युवा रूटीन की यह जांच नहीं करवाते हैंदि। नचर्या में बदलाव आया है खान-पान रहन-सहन बदल गया है फिटनेस की अंधे की की जा रही है देर रात तक सोना सवेरे दोपहर तक नहीं उठाना।

हार्ट अटैक के प्रमुख कारण शराब धूम पान के अलावा डायबिटीज भी प्रमुख कारण डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए अक्सर लोग दवाइयां लेते हैं जिससे उनको लगता है कि यह दवाइयां उनको डायबिटीज में फायदा पहुंचा रही है लेकिन यह दवाइयां दिल से जुड़े कई फंक्शन को प्रभावित करती है ऐसे में हार्ड से जुड़ी समस्याएं बढ़ाने का खतरा डबल हो जाता है।

बढ़ता तनाव आजकल युवा पढ़ाई पारिवारिक कर्म से तनाव लेते हैं नौकरी का तनाव ऐसे में शरीर में कार्टिलोस नाम का एक हार्मोन रिलीज होता है कार्टिलोस एक स्ट्रेस हार्मोन है जो दिल के खून आपूर्ति अर्थात ब्लड सर्कुलेशन को कम कर देता है इसे दिल की ऑक्सीजन की मांग डबल हो जाती है कार्टिलोस अगर लंबे समय तक शरीर में बढ़ता रहता है तो कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ जाता है जिसे हार्ड टेक का खतरा अधिक होता है।

नींद की कमी

एक व्यस्क इंसान के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है लेकिन आजकल जीवन की भाग दौड़ और जीवन शैली में बदलाव के चलते लोग इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उनका स्लीप साइकिल अर्थात नींद पूरी तरह बिगड़ से चुकी होती है नींद के समय सांस की गति नॉर्मल हो जाती है जिसे हार्ट बिट्स और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है

दिल को मजबूत और हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें

आज भागम भाग की जिंदगी में अधिकांश लोग और विशेष कर युवा फास्ट फूड को ज्यादा महत्व देने लगे हैं जिसमें पिज़्ज़ा बर्गर नूडल्स और स्ट्रीट फूड हमारे जीवन में प्लेट का हिस्सा बन चुके हैं इसे ऐसे मीत मात्रा में अनसैचुरेटेड फत होता है जो दिल की बीमारियों को बढ़ा देता है।

अधिक मात्रा नमक खाना हार्ट अटैक स्ट्रांग जैसी बीमारियों के साथ हाई ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न कर सकता है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक इंसान को एक दिन में 5 ग्राम से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए जबकि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा किए गए ।

हाल ही में सर्वे के अनुसार भारत के लोग हर दिन 8 ग्राम नमक का सेवन कर लेते हैं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट बताती की हम भारतीय प्रतिदिन खाने में जितना फैट लेते हैं उसका सिर्फ 5 से 6% सैचुरेटेड फैट होना चाहिए इससे ज्यादा सैचुरेटेड फैट कई तरह की बीमारियां लेकर आता है ।

हर एनिमल प्रोडक्ट अर्थात मटन बीफ फिश चिकन में सिचुएटेड फैट होता है भारतीय लोग मीठे के ज्यादा शौकीन होते हैं और यह मीठा हार्ट के लिए नुकसानदेह हो सकता है अमेरिकन हार्ट स्टेशन के अनुसार एक दिन में शुगर की अधिकतम मात्रा पुरुषों के लिए37.5 ग्राम व महिलाओ के लिए 25 ग्राम होनी चाहिए।

हार्ट को मजबूत बनाने के लिए फिजिकल एक्टिविटी अर्थात व्यायाम और शारीरिक वर्किंग बहुत जरूरी है हर रोज कपालभाति प्राणायाम करना और एक दिन में काम से कम 21 मिनट पैदल चलने की आदत डालना चाहिए इससे करीब 30 से 40% तक हार्ड से जुड़ी बीमारियां काम हो सकती है।

क्यों हो रहा है ऐसा

शुगर ब्लड प्रेशर कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कोई नहीं करवाता विशेष कर युवा रूटीन की यह जांच नहीं करवाते हैं

दिनचर्या में बदलाव आया है खान-पान रहन-सहन बदल गया है फिटनेस की अंधे की की जा रही है देर रात तक सोना सवेरे दोपहर तक नहीं उठाना

क्या कहते है एक्सपर्ट

कोरोना कल के बाद 30 साल से लेकर 45 साल तक के आयु वर्ग में हार्ट अटैक की घटनाएं बड़ी है लेकिन इसके साथ-साथ लोगों की जीवन शैली इसका एक कारण है ।

आजकल आमजन और विशेष कर युवा वर्ग तनाव ग्रस्त रहता है काम का तनाव पारिवारिक तनाव और परिवार की हिस्ट्री तथा बढ़ती हुई युवा वर्ग में नशे की आदत भी हार्ट अटैक का कारण है। लोगों को और युवाओं को अपवाद को छोड़कर कोई व्यायाम नहीं करते हैं योग नहीं करते हैं ।

ऐसे में हल्का-फुल्का व्यायाम सबको रोज करना चाहिए रोजाना चाहे वह घूमने की आदत हो इसे अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहिए तथा समय समय पर सामान्य जांच जो हृदय रोग से संबंधित है जिसे कोलेस्ट्रॉल टीएमटी की जांच करानी चाहिए और चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए

डॉ सुनील मित्तल कार्डियोलॉजिस्ट सिद्धिविनायक हॉस्पिटल भीलवाड़ा।

सर्दी के समय में बढ़ते हार्ट अटैक का कारण तापमान होता है बाहर का तापमान काफी कम होता है और बॉडी उसे कंपनसेट नहीं कर पाती तापमान बढ़ने से हारमोंस भी बनते हैं पता नालिया से धमनिया कहते हैं वह भी सिकुड़ती है। युवा वर्ग में बढ़ती हार्ट अटैक की घटनाएं जीवन शैली और खानपान इसका मुख्य कारण है ।

हार्ट अटैक को रोका जा सकता है अर्थात इस टाला भी जा सकता है । अगर किसी को सीने में दर्द हो या हल्के भी लक्षण महसूस हो तो तत्काल यह दवाइयां ले और अपने साथ इसका पैकेट बना कर साथ रखे

Ecosprin 150 mg ….. (1)

Rosuvastati 40 mg (1)

Sorbitrate/ Isordil 5mg

( 3-5 ) May be repeated if no relief

डाॅ.आर जी गोयलसी,नियर फिजिशियन एम डी

नोट ये दवाई डॉक्टर ने बताई है फ़िर भी आप एक बार डॉक्टर से सलाह लेकर लें। दैनिक रिपोर्टर्स डॉट कॉम किसी प्रकार का ज़िम्मेदार नहीं होगा।

Share This Article
Follow:
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम