हाल-ए-जहाजपुर पालिका: कौन सुनेगा किसको सुनाएं इस लिए चुप रहते है

जहाजपुर (आज़ाद नेब) राज्य सरकार द्वारा 4 मई से चलाए गए ‘प्रशासन शहरों के संग अभियान‘ के द्वितीय चरण महाअभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया था।

वे जन कल्याण से जुड़े इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए कार्य करें। लेकिन जहाजपुर पालिका में सियासी खिंचतान के चलते यहां के आमजन अधर में लटक रहे हैं। पालिका क्षेत्र में पट्टे बनना, विकास होना तो फिलहाल दूर की बात है। आमजन के जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने में जूते घीस जाते हैं।

जिला कलक्टर ने 3 मई को अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे प्रशासन शहरों के संग अभियान को आमजन के लिए महत्वपूर्ण अभियान है। पूर्व निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लोगों को अधिक से अधिक राहत/रियायत देते हुए बहुतायत में पट्टे जारी करने के लिए सभी नगर निकायों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान किये। जिससे आमजन को इस अभियान का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल पाये।

जिला कलक्टर मोदी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकाय क्षेत्रों में टीमें बनाकर वार्ड वाइज सर्वे किया जाए तथा जिनके पास पट्टा नही है उन्हे आवेदन संबंधी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि शिविर में निकाय कार्मिकों के अलावा अन्य विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे जिससे आमजन का एक ही जगह कार्य हो सके। लेकिन यहां धरातल पर ऐसा कुछ नही हो रहा बस अभियान कागजों में ही चल रहा है।

प्रशासन शहरों के संग अभियान में स्टेट ग्रांट एक्ट व 69ए के तहत के पट्टे जारी करना, नाम हस्तांतरण, भू-उपयोग परिवर्तन, खांचा भूमि भवन मानचित्र स्वीकृति, भूखंडों का पुनर्गठन, बकाया लीज एवं एकमुश्त लोज जमा कर लीज मुक्ति प्रमाण पत्र करना, अपंजीकृत पट्टे लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टे जारी करना, सड़क रिपेयर, नालियों की मरम्मत, लाइट सफाई आदि समस्या का समाधान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, खाद्य सुरक्षा तथा संबंधित कार्य जैसे नगरीय विकास कर जमा, जन्म मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्र बनाना, स्वरोजगार योजना ,कौशल प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूह गठन, स्ट्रीट वेंडर्स, इंदिरा गांधी क्रेडिट कार्ड, इंदिरा रसोई आदि संबंधी कार्य होने थे पर यहां अधिशासी अधिकारी एवं सहायक कर्मचारी के पद रिक्त होने की वजह से नगर की जनता का दर्द यही है कौन सुनेगा किसको सुनाएं इस लिए चुप रहते हैं।